
गेल गैस पाइपलाइन बिछाने के दौरान मुख्य जलापूर्ति पाइप क्षतिग्रस्त होने का आरोप, कई घरों का सामान हुआ खराब
आदित्यपुर, 10 अगस्त : आदित्यपुर-2 के रोड नंबर 13 में रविवार को शहरी जलापूर्ति योजना की टेस्टिंग के दौरान अचानक तेज जलप्रवाह शुरू हो जाने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते पानी सड़क को तोड़ते हुए आसपास के घरों में घुस गया। अचानक हुए इस जलप्रवाह से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गेल गैस पाइपलाइन बिछाने के दौरान जलापूर्ति की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। टेस्टिंग के दौरान पाइपलाइन में पानी का दबाव बढ़ने पर क्षतिग्रस्त हिस्सा फट गया, जिसके बाद तेज रफ्तार से पानी सड़क पर निकलने लगा। पानी के तेज बहाव ने सड़क को भी नुकसान पहुंचाया और आसपास के कई घर इसकी चपेट में आ गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सोमवार को जिंदल की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद क्षतिग्रस्त जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। टीम की ओर से पाइपलाइन को दुरुस्त करने के साथ जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जलप्रवाह के कारण रोड नंबर 13 निवासी मिथलेश झा के बोरिंग को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कई घरों में पानी घुसने से वहां रखा सामान भी खराब हो गया। लोगों ने संबंधित एजेंसियों से नुकसान का आकलन कर उचित कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की है।
पुरेंद्र नारायण सिंह ने उठाए सवाल
घटना को लेकर राजद नेता पुरेंद्र नारायण सिंह ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जिंदल पर शहरी जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर दूसरी एजेंसी द्वारा किए जा रहे कार्य के दौरान मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो जाना गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि किसी भी पाइपलाइन की खुदाई या नई पाइपलाइन बिछाने से पहले संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच उचित समन्वय के साथ सर्वे और निगरानी जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी लापरवाही से सरकारी संपत्ति के साथ-साथ आम लोगों की निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंच रहा है।
पुरेंद्र नारायण सिंह ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने भविष्य में शहरी क्षेत्र में चलने वाले विभिन्न विकास कार्यों को आपसी समन्वय के साथ कराने पर जोर दिया।
फिलहाल जिंदल की टीम क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत में जुटी है। हालांकि, इस घटना ने आदित्यपुर शहरी क्षेत्र में अलग-अलग एजेंसियों द्वारा एक साथ संचालित किए जा रहे विकास कार्यों के बीच बेहतर तालमेल और निगरानी की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है।



