कोणार्क मंदिर की तर्ज पर बन रहा मंदिर, निर्माण कार्य अंतिम चरण में
जमशेदपुर, 08 जून : गोलमुरी के केबल टाउन स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर (पूर्व में बिरला मंदिर) का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। वर्षों से अधूरा पड़ा यह भव्य मंदिर जल्द ही अपने पूर्ण स्वरूप में श्रद्धालुओं के लिए तैयार हो सकता है। मंदिर की आकर्षक वास्तुकला और भव्य संरचना पहले से ही लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर की स्थापत्य शैली से प्रेरित इस मंदिर का निर्माण लगभग 5.5 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। मंदिर निर्माण का कार्य कई दशक पहले शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 1990 के बाद विभिन्न कारणों से यह लंबे समय तक अधूरा पड़ा रहा। बाद में इसके पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार की पहल शुरू की गई, जिसके बाद निर्माण कार्य को नई गति मिली।
मंदिर निर्माण को पूरा करने के लिए मंदिर पुनर्निर्माण समिति, सामाजिक संगठनों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में मंदिर के शिखर निर्माण कार्य का शुभारंभ होने के बाद निर्माण गतिविधियां तेज हुईं और अब अधिकांश कार्य पूर्णता की ओर बढ़ चुके हैं।
धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह मंदिर शहर की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को भी नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के पूर्ण होने के बाद यह पूर्वी भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अपनी विशेष पहचान बना सकता है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगा।
मंदिर के उद्घाटन को लेकर श्रद्धालुओं और शहरवासियों में उत्साह का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही यह भव्य मंदिर पूरी तरह तैयार होकर धार्मिक अनुष्ठानों और दर्शन-पूजन के लिए खोल दिया जाएगा। मंदिर के पूर्ण होने से न केवल आस्था को नया केंद्र मिलेगा, बल्कि जमशेदपुर के पर्यटन मानचित्र पर भी एक महत्वपूर्ण आकर्षण जुड़ जाएगा।