बोड़ाम : दलमा तराई के बांदरजलकोचा में फलदार वृक्ष लगाने की मांग, बांस रोपण पर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति

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जमशेदपुर/बोड़ाम, 26 जुलाई : सिंहभूम जिले के बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत दलमा के तराई क्षेत्र स्थित बोटा पंचायत के पहाड़िया टोला – बांदरजलकोचा में वन विभाग द्वारा बांस का पौधरोपण किए जाने का स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध किया। यहां करीब आदिम जनजाति समुदाय के 19 परिवार बसोबास करते हैं।

 यहां के ग्रामीणों का कहना है कि उनके क्षेत्र में बांस के बजाय फलदार एवं उपयोगी वृक्ष लगाए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को आर्थिक और पोषण संबंधी लाभ मिल सके।

ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में जामुन, आम, अमरूद, काजू, कदम, कुसुम, नाशपाती, आँवला, लीची और संतरा जैसे फलदार एवं बहुउपयोगी पौधे लगाए जाएं। उनका कहना है कि ऐसे पौधे भविष्य में ग्रामीणों की आजीविका, पोषण और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि फलदार वृक्षों से बच्चों और परिवारों को पोषण मिलेगा, साथ ही अतिरिक्त आय का भी स्रोत विकसित होगा।

इस दौरान आदिम जनजाति विकास समिति के प्रतिनिधि भी बांदरजलकोचा पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांग का समर्थन किया। समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की वृक्षारोपण योजना बनाते समय स्थानीय समुदाय की आवश्यकताओं और सुझाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंच सके।

मौके पर आदिम जनजाति समुदाय के नेता सुकलाल पहाड़िया, गुरूचरण कर्मकार, भूषण पहाड़िया, मंगल पहाड़िया सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने वन विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की कि बांस के स्थान पर फलदार एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयोगी वृक्षों का रोपण कराया जाए, जिससे आदिम जनजाति समुदाय का भविष्य अधिक सुरक्षित और समृद्ध हो सके।

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