नीमडीह, 28 अगस्त : रक्षाबंधन के अवसर पर चांडिल वन क्षेत्र के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत गुंडाबिहार गांव में शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देखने को मिला। यहां महिलाओं और युवतियों ने पेड़ों को भाई मानकर उनकी पूजा-अर्चना की और राखी बांधकर जंगल बचाने का संकल्प लिया। वन प्रबंधन संरक्षण समिति की ओर से आयोजित ‘एक पेड़ भाई के नाम’ कार्यक्रम के माध्यम से रक्षाबंधन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व वन प्रबंधन संरक्षण समिति के श्रीकृष्णा सिंह सरदार, नीमडीह प्रभारी फॉरेस्ट रतन गोराई और वनरक्षी रघुवर सिंह मुंडा ने किया। इस दौरान सैकड़ों महिलाओं, युवतियों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने पेड़ों पर राखी बांधने के बाद सामूहिक रूप से “पेड़ काटेंगे नहीं, काटने देंगे नहीं” का संकल्प लिया।
ग्रामीणों ने कहा कि जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। जंगल सुरक्षित रहेगा तो पर्यावरण और वन्यजीवों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। ग्रामीणों के अनुसार गुंडाबिहार का जंगल बड़ी संख्या में वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। यहां 200 से अधिक राष्ट्रीय पक्षी मोर के अलावा लोमड़ी और हाथियों की मौजूदगी रहती है। जंगल में साल के सैकड़ों विशाल पेड़ भी हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि जंगलों की सुरक्षा केवल वन विभाग या वन प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से जंगलों की कटाई रोकने और अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की गई।
कार्यक्रम में गुंडा पंचायत के मुखिया बुका सिंह, बासुदेव सिंह सरदार, उप मुखिया विश्वदेव महतो, हरे कृष्ण सिंह सरदार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। रक्षाबंधन पर आयोजित इस पहल ने भाई-बहन के प्रेम के पर्व को प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए लोगों के बीच एक अनूठा संदेश दिया।