टोल टैक्स लूट, सड़क पर मौत का जाल : पाटा टोल प्लाजा पर सरिया उखड़ा, रोज़ हादसे का खतरा

चांडिल से रांची तक टाटा–रांची एनएच पर यात्रियों की जान जोखिम में – एनएचएआई और सांसद पर सवाल
चांडिल, 25 अगस्त : राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर आराम और सुरक्षा का प्रतीक होना चाहिए, लेकिन टाटा–रांची एनएच पर यात्रा करना किसी यात्री के लिए रोज़ मौत से खेलने जैसा हो गया है। करोड़ों की लागत से बना और रोज़ाना लाखों की टोल वसूली करने वाला पाटा टोल प्लाजा खुद सड़क हादसे का जाल बन चुका है।
प्लाजा पर सड़क इतनी बुरी तरह उखड़ चुकी है कि जगह-जगह लोहा (सरिया) बाहर निकल आया है। तेज़ रफ्तार वाहन का पहिया जरा-सा फिसला, और मौत तय है। तस्वीरें साफ गवाही दे रही हैं कि जिस सड़क से सुविधा का दावा कर सरकार टोल वसूल रही है, वही सड़क अब हादसों का न्यौता दे रही है।

गोलचक्कर से टोल तक रोज़ का नरक : जाम ही जाम
चांडिल गोलचक्कर से लेकर टोल प्लाजा तक घंटों का जाम अब आम हो गया है। ट्रक, बस, कार – हर वाहन कतार में फंसा रहता है। यात्रियों को समय, ईंधन और धैर्य – तीनों की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
पूरे मार्ग की दुर्दशा, वाहन मालिक बेहाल
बहरागोड़ा से रांची तक पूरा हाईवे गड्ढों और टूटी सतह से भरा है। हर दिन वाहनों के टायर फट रहे हैं, सस्पेंशन टूट रहा है और जानलेवा हादसों की संभावना बनी रहती है। चालक और राहगीर कहते हैं – “जब सड़क ही जर्जर है, तो टोल किस बात का?”
जिम्मेदारी से भाग रहा एनएचएआई और प्रशासन
लगातार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद एनएचएआई चुप है। जिला प्रशासन भी अबतक कोई ठोस पहल नहीं कर पाया। जिम्मेदार एजेंसियों की इस लापरवाही ने आम जनता को नाराज़ और हताश कर दिया है।
सांसद पर भी उठ रहे सवाल
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री और स्थानीय सांसद संजय सेठ भी अबतक इस समस्या पर कोई ठोस समाधान नहीं दे पाए हैं। लोग पूछ रहे हैं – “सांसद महोदय, आपकी गाड़ी कभी इस हाईवे पर चलती नहीं क्या?”
जनता का सवाल – कब रुकेगी यह लूट?
जब सुविधाएं शून्य हैं तो टोल वसूली क्यों? आखिर जनता को जोखिम में डालकर करोड़ों की लूट कब तक जारी रहेगी? सड़क की हालत अगर टोल प्लाजा पर ही ऐसी है, तो बाकी मार्ग की स्थिति और कितनी भयावह होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।



