ईचागढ़, 27 अगस्त : चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत गुरुवार को ईचागढ़ प्रखंड के डियाडीह गांव से हुई। यात्रा के दौरान मंच के सदस्यों ने विभिन्न गांवों में पहुंचकर विस्थापितों और ग्रामीणों से संवाद किया तथा उनकी समस्याओं और मांगों को जाना।
डियाडीह गांव में ग्रामीणों ने स्वर्णरेखा परियोजना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने कहा कि विस्थापितों की समस्याओं को लेकर समय-समय पर आंदोलन किए जाते हैं, लेकिन अब तक उसका अपेक्षित परिणाम नहीं मिला है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे विस्थापित समन्वय मंच का समर्थन तभी करेंगे, जब मंच भविष्य में भी विस्थापितों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
इस पर मंच की ओर से श्यामल मार्डी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संगठन हमेशा विस्थापितों के साथ रहेगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेगा।
डियाडीह के बाद यात्रा सखाडीह, खोकरो, रुगडी, पहाड़धार और हाड़ात गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों से संवाद किया गया। हाड़ात में यात्रा का समापन हुआ।
यात्रा में बिबेक सिंह, अवधेश मुर्मू, रोहिना महतो, अंबिका यादव, विष्णु महापात्र, राकेश महतो, संजीत यादव, श्यामल मार्डी, मनोहर महतो, हरेकृष्ण समेत अन्य लोग मौजूद रहे।