19 साल बाद अजय बर्मन हत्याकांड में नया मोड़, अदालत ने हत्या का संज्ञान लिया
जमशेदपुर, 10 जून : वर्ष 2007 के चर्चित अजय बर्मन हत्याकांड में 19 वर्षों बाद महत्वपूर्ण न्यायिक प्रगति हुई है। सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव के प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने टीएम ज्वेलर्स के संचालक मिलन अडेसरा, संदीप अडेसरा समेत अन्य आरोपियों के विरुद्ध हत्या के मामले में संज्ञान लेते हुए उन्हें अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
अजय बर्मन की 11 मई 2007 को गोलमुरी स्थित टीएम ज्वेलर्स की शाखा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक पक्ष का आरोप रहा है कि बकाया राशि मांगने पहुंचे अजय बर्मन के साथ दुकान के भीतर मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं तत्कालीन प्राथमिकी में घटना को रंगदारी वसूली और भीड़ द्वारा पिटाई से हुई मौत बताया गया था।
मामले में मानवाधिकार संगठन पीयूसीएल ने स्वतंत्र जांच कर कई सवाल उठाए थे। संगठन का दावा था कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों से मूल पुलिस कहानी पर संदेह पैदा होता है। लंबे कानूनी संघर्ष और विभिन्न न्यायिक प्रक्रियाओं के बाद अदालत ने मामले में हत्या का संज्ञान लिया है।
मृतक पक्ष के अधिवक्ताओं अखिलेश श्रीवास्तव, अमिताभ कुमार, मंजरी सिन्हा और निर्मल घोष ने अदालत के आदेश का स्वागत करते हुए इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।