स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध संसाधनों एवं मानव-बल के सदुपयोग कर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का उपायुक्त ने दिए निर्देश

सरायकेला, 23 अगस्त : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सर्वप्रथम उपायुक्त ने सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल तथा विभिन्न प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के जीर्णोद्धार कार्यों एवं उपकरण उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अलावा उपायुक्त ने विभागीय व्यय की समीक्षा करते हुए कहा कि जेम पोर्टल से खरीदी जाने वाली सामग्रियों का दर, जिला क्रय समिति अथवा पोर्टल पर निर्धारित दर से अधिक नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध उपकरणों एवं संसाधनों का समुचित सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित रोस्टरवार उपस्थिति सुनिश्चित करने, सदर एवं अनुमंडल अस्पतालों में 24×7 आपातकालीन सेवाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने, सहिया एवं सीएचओ की कार्यकुशलता की नियमित समीक्षा करने और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई करने, डायरिया, मलेरिया एवं डेंगू जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान चलाने, जलजनित रोगों की रोकथाम हेतु नियमित जल-गुणवत्ता परीक्षण एवं क्लोरीनेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध एंटी रेबीज़ एवं जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने, सभी गर्भवती महिलाओं की चार एएनसी अनिवार्य रूप से पूरी कराने, शिशुओं एवं धात्री महिलाओं का समय पर पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने, आंगनबाड़ी केंद्रों में निर्धारित तिथियों पर वीएचएनडी का आयोजन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही उन्होंने सभी कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें एमटीसी में भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराने, एम्बुलेंस का रोस्टरवार संचालन सुनिश्चित करने, सभी अस्पतालों में ओपीडी का नियमित संचालन सुनिश्चित करने, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने हेतु सभी आवश्यक सुविधाएं केंद्रों पर उपलब्ध कराने, परिवार नियोजन उपायों के प्रचार-प्रसार एवं स्थायी/अस्थायी साधनों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करने, टीबी, कुष्ठ एवं फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रमों को लक्ष्य आधारित तरीके से लागू करने, एनीमिया मुक्त भारत अभियान को प्रत्येक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र से जोड़कर चलाने, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी हेतु जन-जागरूकता कार्यक्रम और स्वास्थ्य परामर्श शिविर आयोजित करने, अस्पतालों में स्वच्छता एवं हाइजीन मानकों का पालन सुनिश्चित करने, चिकित्सा उपकरणों की नियमित तकनीकी जांच एवं रख-रखाव अनिवार्य रूप से करने और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित सभी योजनाओं का वृहद प्रचार-प्रसार कर अधिकतम लोगों को लाभान्वित करने का निर्देश दिया है।
मौके पर उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं सीधे नागरिकों के जीवन एवं स्वास्थ्य से जुड़ी हुई हैं। अतः प्रत्येक अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ करें, ताकि जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, सिविल सर्जन, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी एमओआईसी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।



