चांडिल, 24 जून : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत करनीडीह गांव के भुइयांडीह स्थित गैलेक्सी एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में बुधवार को कंपनी प्रबंधन और स्थानीय ग्रामीणों के बीच वार्ता आयोजित की गई। हालांकि बैठक समाप्त होने के बाद इसकी पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और महिला प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि वार्ता में महिलाओं और मीडिया को शामिल नहीं होने दिया गया, जिससे बैठक की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न हो गया है।
बैठक के दौरान केवल चुनिंदा लोगों को ही कंपनी परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई। आरोप है कि महिलाओं को जबरन बाहर ही रोक दिया गया, जिससे उनमें नाराजगी देखी गई। इसको लेकर आदिवासी जन परिषद की जिला प्रभारी पार्वती किस्कू ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि महिलाओं की अनुपस्थिति में हुई वार्ता को सर्वसम्मत नहीं माना जा सकता। उन्होंने बैठक में शामिल प्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए वार्ता को असफल बताया।
ज्ञात हो कि हाल ही में कंपनी परिसर में फर्नेस ब्लास्ट की घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। घटना के बाद से ग्रामीण लगातार कंपनी गेट के समक्ष विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में फर्नेस भट्टी को आबादी क्षेत्र से दूर अन्यत्र स्थानांतरित करना, कंपनी कर्मियों एवं आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा दुर्घटना से प्रभावित लोगों के लिए उचित व्यवस्था करना शामिल है।
ग्रामीणों ने 22 जून को कंपनी गेट जाम कर आंदोलन किया था। इसके बाद 23 जून को वार्ता का आश्वासन दिया गया था, लेकिन किसी कारणवश बैठक नहीं हो सकी। बुधवार को आयोजित वार्ता के बाद मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर कंपनी प्रबंधन ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। प्रबंधन की ओर से कहा गया कि ग्रामीणों की मांगों को आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा, जिसके बाद निर्णय लिया जाएगा। साथ ही दुर्घटना में घायल मजदूर के बेहतर उपचार का आश्वासन दिया गया।
वार्ता के बाद भी ग्रामीणों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आने और महिलाओं व मीडिया की अनुपस्थिति को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी सुरक्षा और अन्य मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।