सुवर्णरेखा नदी का गौरी घाट बना ‘अवैध बालू कारोबार’ का अड्डा, खनन विभाग की औचक कार्रवाई से उजागर हुई लापरवाही।

सुवर्णरेखा नदी का गौरी घाट बना ‘अवैध बालू कारोबार’ का अड्डा, खनन विभाग की औचक कार्रवाई से उजागर हुई लापरवाही।

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चांडिल, 12 जून। जिले के खनन विभाग द्वारा चांडिल अंचल सह कपाली ओपी क्षेत्र अंतर्गत सुवर्णरेखा नदी के गौरी घाट में चल रहे अवैध बालू उठाव के विरुद्ध गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई की गई। जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सथपति, अंचल अधिकारी चांडिल अमित कुमार एवं थाना प्रभारी कपाली के संयुक्त नेतृत्व में की गई इस छापेमारी में एक 407 ट्रक, कई ट्रैक्टर तथा दर्जनों डोंगियों को जब्त और नष्ट किया गया।

हालांकि यह कार्रवाई प्रशासन की तत्परता को दर्शाती है, लेकिन यह भी साफ करता है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन लंबे समय से स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत या उदासीनता के कारण ही पनप सका। सवाल उठता है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में ट्रैक्टर, डोंगी और ट्रक प्रतिदिन नदी से बालू कैसे उठा रहे थे और पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई केवल दिखावटी नहीं होनी चाहिए, बल्कि अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचनी चाहिए। सूत्रों की मानें तो बालू माफिया लंबे समय से प्रशासनिक चुप्पी का लाभ उठाकर खुलेआम गौरी घाट से बालू का दोहन कर रहे थे।

जिला खनन पदाधिकारी ने जहां सख्त कार्रवाई की बात कही है, वहीं लोगों का कहना है कि यदि पूर्व से ही पुलिस और प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाते, तो आज सुवर्णरेखा नदी की यह दुर्दशा न होती।

अब देखना यह है कि क्या यह कार्रवाई महज एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी, या प्रशासन वास्तव में अवैध खनन को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

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