जमशेदपुर में आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक : अयोग्य राशन कार्डधारियों पर होगी सख्त कार्रवाई, उपायुक्त ने दिए निर्देश

जमशेदपुर, 06 अगस्त : पूर्वी सिंहभूम जिला समाहरणालय के कार्यालय कक्ष में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, खाद्यान्न वितरण, ई-केवाईसी, राशन कार्ड सरेंडर, चना-नमक-चीनी वितरण, डाकिया योजना और ईआरसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो व्यक्ति सरकारी मानदंडों के अनुसार राशन के पात्र नहीं हैं, वे जल्द से जल्द अपना राशन कार्ड सरेंडर करें। अन्यथा पकड़े जाने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अयोग्य लाभुकों में आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, चार पहिया वाहन या ट्रैक्टर के मालिक, व्यवसायी, 5 एकड़ से अधिक भूमि स्वामी, एसी, पक्का मकान, निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक आदि शामिल हैं।
धोखाधड़ी कर राशन उठाने वालों पर न केवल आपराधिक मामला दर्ज होगा, बल्कि बाजार दर पर 12% वार्षिक ब्याज के साथ राशन की वसूली भी की जाएगी। इसके अलावा यदि संबंधित व्यक्ति किसी सरकारी सेवा में कार्यरत हैं तो विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
उपायुक्त ने अगस्त माह के राशन वितरण में तेजी लाने और ग्रीन राशन कार्डधारियों को मई से जुलाई तक के लंबित राशन का वितरण अगले 10 दिनों में 90% लक्ष्य तक पहुंचाने का निर्देश दिया। साथ ही, चना दाल का वितरण भी 10 दिनों के भीतर पूर्ण करने को कहा गया।
डाकिया योजना के अंतर्गत चयनित 5,131 परिवारों को घर-घर जाकर राशन वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया, विशेषकर आदिम जनजाति परिवारों के लिए संवेदनशीलता बरतने की हिदायत दी गई।
नवीन राशन कार्ड वितरण कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने और अब तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले लाभुकों को चिन्हित कर तत्काल प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया।
इस समीक्षा बैठक में सीओ सह एमओ ब्रजेश श्रीवास्तव, कार्यपालक दंडाधिकारी सह एमओ सुदीप्त राज सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। वहीं सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि राशन जैसी जनकल्याणकारी योजना में किसी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अयोग्य लाभार्थियों से कड़ाई से निपटा जाएगा और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



