उलीडीह थाना पर गंभीर आरोप – ‘नो कोर्सिव’ आदेश के बावजूद जेल भेजने की कोशिश का दावा, एसएसपी से जांच की मांग
जमशेदपुर, 31 जुलाई : मानगो के उलीडीह थाना क्षेत्र निवासी रविंद्र गौड़ ने पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तथा सिटी एसपी को लिखित शिकायत देकर उलीडीह थाना के कुछ पुलिस पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि एक भूमि विवाद से जुड़े मामले में उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है तथा पुलिस एक पक्ष का समर्थन करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
शिकायत में रविंद्र गौड़ ने कहा है कि संबंधित भूमि विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और उससे संबंधित सभी दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस द्वारा उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
रविंद्र गौड़ का आरोप है कि 26 जुलाई की देर रात उलीडीह थाना के कुछ पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंचे और जबरन घर में प्रवेश कर उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज एवं दुर्व्यवहार किया। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें घसीटते हुए घर से बाहर निकाला। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस दौरान उनकी गर्भवती पत्नी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया।
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि पूरी घटना के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्य उनके पास उपलब्ध हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संबंध में अपना वीडियो बयान भी रिकॉर्ड कराया है, जिसे वे जांच के दौरान प्रस्तुत करने को तैयार हैं।
रविंद्र गौड़ ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि मामले में न्यायालय द्वारा ‘नो कोर्सिव’ (No Coercive) का आदेश पारित होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें जेल भेजने का प्रयास किया।
शिकायतकर्ता ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, आरोपित पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने तथा उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।