भीषण गर्मी पर प्रधानमंत्री मोदी की भावुक अपील – एक गिलास पानी भी बचा सकता है किसी की जिंदगी
DESK, MANBHUM UPDATES | 27 MAY
देशभर में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रचंड गर्मी में छोटी-छोटी सावधानियां और मानवीय संवेदनाएं कई लोगों के लिए राहत और जीवनदान साबित हो सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पानी पीने, शरीर को हाइड्रेटेड रखने और घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें, क्योंकि इस भीषण गर्मी में यही सबसे बड़ी मानवता है।
उन्होंने उन लोगों की भी सराहना की जो अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के बाहर राहगीरों के लिए मटके में ठंडा पानी रख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे छोटे प्रयास समाज में संवेदनशीलता और करुणा की मिसाल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अत्यधिक गर्मी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, कमजोरी, मतली या अत्यधिक थकान महसूस हो तो तुरंत उसे ठंडी और छायादार जगह पर ले जाकर पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय रहते सावधानी नहीं बरतने पर हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और धूप में काम करने वाले मजदूरों व श्रमिकों का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवार के बुजुर्गों, माता-पिता, दादा-दादी और नाना-नानी का नियमित हालचाल लें और उन्हें दोपहर की तेज धूप से बचने तथा पर्याप्त आराम करने की सलाह दें।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने पशु-पक्षियों के प्रति भी लोगों को संवेदनशील बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, छत, बालकनी, दुकान या कार्यालय के बाहर पानी से भरा एक छोटा बर्तन रखना भी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि इस कठिन मौसम में हमें केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति और जीव-जंतु के लिए भी संवेदनशील बनना होगा। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस भीषण गर्मी में करुणा, सहयोग और मानवता की भावना के साथ एक-दूसरे का सहारा बनें।