अफीम की अवैध खेती रोकने के लिए सरायकेला-खरसावां पुलिस की पहल — गांवों में हुई ग्राम सभाएं, ग्रामीणों ने ली शपथ

सरायकेला, 11 अक्टूबर : जिले में अफीम की अवैध खेती पर पूरी तरह अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरायकेला-खरसावां पुलिस ने “प्री कल्टीवेशन ड्राइव” अभियान के तहत जागरूकता की बड़ी पहल शुरू की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार इस अभियान का मकसद आगामी फसली वर्ष में अफीम की खेती की संभावना को नगण्य करना और ग्रामीणों को वैकल्पिक खेती की ओर प्रेरित करना है।
शनिवार को इस अभियान के तहत कुचाई थाना क्षेत्र के बड़ासेगोई गांव, खरसावां थाना क्षेत्र के बरगीपुट गांव, ईचागढ़ थाना क्षेत्र के शंकराडीह एवं गुड़मा गांव, चौका थाना क्षेत्र के मातकमडीह पंचायत तथा दलभंगा ओपी क्षेत्र के बारूहातु गांव में ग्राम सभाएं आयोजित की गईं।
ग्राम सभाओं में थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों, सहिया दीदीयों, विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों को अफीम की अवैध खेती और इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित लोगों को यह बताया गया कि अफीम की खेती न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह समाज और परिवार दोनों के लिए घातक साबित होती है।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय भाषा में संवाद स्थापित करते हुए लोगों को अफीम की खेती न करने की शपथ दिलाई। सभी ग्रामीणों और छात्रों ने एकस्वर में संकल्प लिया कि वे अफीम की खेती नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।
साथ ही, पुलिस ने ग्रामीणों को अफीम के स्थान पर फल-सब्जी, दलहन, तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में इस प्रकार के जनजागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेंगे ताकि समाज से नशे की जड़ को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
इस अभियान में स्थानीय प्रशासन, शिक्षक, सहिया दीदी और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे गांवों में एक सकारात्मक संदेश गया कि “नशा मुक्त समाज ही विकास का आधार है।”



