नाबार्ड-एलईडी परियोजना के तहत कौशल उन्नयन कार्यक्रम, चयनित समूहों को मशीन स्थापना में मिलेगा तकनीकी सहयोग
सरायकेला, 29 जून : ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सोमवार को सरायकेला प्रखंड के सिदडीह गांव में पेपर प्लेट निर्माण मशीन स्थापना विषयक एक दिवसीय कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ते हुए सतत आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना था।
यह प्रशिक्षण झारखंड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी (जेटीडीएस), डीपीएमयू सरायकेला-खरसावां द्वारा नाबार्ड-एलईडी परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसमें राजनगर और सरायकेला प्रखंड के तीन-तीन स्वयं सहायता समूहों की कुल 60 महिलाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर शेफाली महतो ने प्रतिभागियों को पेपर प्लेट निर्माण मशीन की स्थापना, संचालन, रखरखाव, सुरक्षा उपाय, कच्चे माल की लोडिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन प्रक्रिया, लागत निर्धारण तथा उद्यम प्रबंधन की व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी। साथ ही बाजार की मांग, व्यवसाय की संभावनाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में पेपर प्लेट निर्माण आधारित स्वरोजगार के अवसरों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं का कौशल मानचित्रण (स्किल मैपिंग) भी किया गया। समूहवार गतिविधियों के माध्यम से वर्तमान आजीविका गतिविधियों का आकलन करने के साथ भविष्य में अपनाए जा सकने वाले व्यवसायों की पहचान की गई। प्रतिभागियों ने चार्ट पेपर के माध्यम से अपने-अपने समूहों की कार्ययोजना और संभावित उद्यमों का प्रस्तुतीकरण भी किया।
प्रशिक्षण के समापन सत्र में प्रतिभागियों के साथ आगे की कार्ययोजना तैयार की गई तथा उनसे फीडबैक प्राप्त किया गया। जेटीडीएस के अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद चयनित स्वयं सहायता समूहों को पेपर प्लेट निर्माण मशीन की स्थापना और उद्यम शुरू करने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और उनकी आय में वृद्धि के साथ महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर डीपीएम नीरज नयन सहित जेटीडीएस, डीपीएमयू, सरायकेला-खरसावां के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।