
सरायकेला-खरसावां, 12 जून : जनजातीय आजीविका को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 12 जून 2025 को भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली की कंसलटेंट सूची श्वेता ने चांडिल प्रखंड स्थित वन धन विकास केंद्र – मातकमडीह एवं माकुला, सामानपुर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में कार्यरत PVTGs (Particularly Vulnerable Tribal Groups) समुदाय की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता और कलात्मकता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ये उत्पाद न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहे हैं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
श्वेता ने केंद्रों की गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली और उत्पादों की ब्रांडिंग, विपणन एवं प्रशिक्षण में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के संबंधित पदाधिकारी, वन धन केंद्र से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।
यह दौरा जिले के वन धन विकास कार्यक्रम के प्रभावी संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।


