शिक्षा सुधार की दिशा में एक और कदम – उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने किया स्कूलों का औचक निरीक्षण, विद्यार्थियों को दी सफलता की प्रेरणा

सरायकेला, 03 जुलाई : सरायकेला-खरसावां जिला के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह ने गुरुवार को शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर साकार किया। उपायुक्त ने कुंवर विजय प्रताप गर्ल्स उच्च विद्यालय एवं नृपराज प्लस टू उच्च विद्यालय (CM School of Excellence), सरायकेला का औचक निरीक्षण कर न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उन्हें प्रेरणा भी दी।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने विद्यालयों की ICT लैब, साइंस लैब, स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालय का गहन अवलोकन किया और शिक्षण संसाधनों के समुचित उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से बातचीत की, विषयों की गहराई को समझा और खुद ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाकर बच्चों को जटिल विषयों को सरल ढंग से समझाने के टिप्स दिए।
उपायुक्त ने कुंवर विजय प्रताप गर्ल्स उच्च विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षा की गुणवत्ता का विशेष तौर पर निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि पाठ्यक्रम के अनुसार समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक शिक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्राएं तकनीकी शिक्षा में आत्मनिर्भर बनें।
पुस्तकालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ज्ञानवर्धक, करियर उन्मुख और प्रेरणादायक पुस्तकों से पुस्तकालय को समृद्ध करने की दिशा में ठोस पहल के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को प्रेरित किया कि विद्यार्थियों को केवल परीक्षा नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन देने वाली शिक्षा मिले।
कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उपायुक्त ने गणित, विज्ञान और मानविकी विषयों की व्यावहारिक उपयोगिता पर चर्चा की और करियर गाइडेंस से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं लक्ष्य निर्धारित कर अध्ययन करें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सहित दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य व प्रभारी शिक्षक उपस्थित थे।
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह का यह निरीक्षण न केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता थी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को धरातल पर सुधारने की उनकी संजीदगी और दूरदृष्टि का परिचायक भी बना। उनके प्रयासों से न केवल छात्र-छात्राएं प्रेरित हुए, बल्कि शिक्षा विभाग में भी एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है।
जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में यह पहल निश्चित रूप से अनुकरणीय है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य की राह मिलेगी।



