
सरायकेला, 12 जून : जिले में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय CSR समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य CSR मद से संचालित योजनाओं की समीक्षा, आगामी प्राथमिकताओं का निर्धारण तथा सामाजिक विकास के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों की सहभागिता सुनिश्चित करना था।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने पिछली वित्तीय वर्ष में CSR मद में किए गए व्यय और उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए आने वाले दिनों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पेयजल, कौशल विकास एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, कोचिंग संस्थानों तथा स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कंपनियों को भागीदार बनना चाहिए।
उपायुक्त ने औद्योगिक इकाइयों से आग्रह किया कि वे एक्स-रे मशीन, USG, ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें और विद्यार्थियों के लिए डिजिटल स्टूडियो क्लासरूम, करियर काउंसलिंग सेंटर, वाचनालय जैसी पहल में भी CSR मद से योगदान दें। साथ ही, सभी कंपनियों से उनके प्रस्तावित CSR कार्यों की स्पष्ट कार्ययोजना शीघ्र उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि योजनाओं को सुनियोजित ढंग से लागू किया जा सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत ने औद्योगिक इकाइयों से स्मार्ट पुलिसिंग को लेकर सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्मार्ट सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसी तकनीकी सहायता CSR मद से दी जा सकती है, जिससे विधि-व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ. अजय सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार समेत जिले के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अंत में उपायुक्त ने यह स्पष्ट किया कि जिले में CSR गतिविधियों का संतुलित विस्तार जरूरी है ताकि कोई भी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से सामूहिक प्रयास के जरिए समावेशी विकास की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की अपील की।



