सरकारी कार्यालय में खुलेआम सिगरेट पीने पर जनसेवक निलंबित, सीएम हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान

चाईबासा, 6 जुलाई : सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और मर्यादा का पालन न करना अब भारी पड़ सकता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सख्त रुख के बाद चाईबासा में एक सरकारी कर्मचारी को खुलेआम ऑफिस में सिगरेट पीना महंगा पड़ गया। वायरल वीडियो के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए चाईबासा उपायुक्त ने संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया है।
मामला चाईबासा जिला अंतर्गत एक सरकारी कार्यालय का है, जहां जनसेवक का सिगरेट पीते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कर्मचारी को अपने सरकारी दायित्वों की अवहेलना करते और सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करते स्पष्ट देखा गया। यह कृत्य न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के बीच सरकारी कार्यप्रणाली की छवि को भी धूमिल करता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चाईबासा डीसी को तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद उपायुक्त अनन्या मित्तल ने झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2016 की कंडिका 9(क) के तहत जगमोहन सोरेन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि वे नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ करें।
उपायुक्त ने कहा, “सरकारी कार्यालय लोकसेवा का केंद्र है। यहां अनुशासन, मर्यादा और आदर्श व्यवहार की अपेक्षा होती है। किसी भी प्रकार की अशोभनीय या गैरजिम्मेदाराना हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
यह मामला अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए भी एक सख्त संदेश है कि वे अपने कर्तव्यों और दायित्वों के प्रति सजग रहें। कार्यालय में अनुशासनहीनता, असंवेदनशील आचरण और जनता की अपेक्षाओं की अवहेलना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
सरकारी पद केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। हर कर्मी से अपेक्षा है कि वह अपने आचरण और कार्य से आम जनता के विश्वास को कायम रखे।



