ईचागढ़ में हाथियों के हमले पर सियासत तेज, हरे लाल महतो ने हेमंत सरकार और विधायक पर बोला तीखा हमला

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ईचागढ़, 25 अप्रैल : सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत हाड़ात गांव में जंगली हाथियों के हमले में मां-बेटी की दर्दनाक मौत और दो बुजुर्गों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं ईचागढ़ के वरिष्ठ विपक्षी नेता हरे लाल महतो ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और स्थानीय विधायक पर तीखा हमला बोला है।

हरे लाल महतो ने कहा कि यह घटना महज एक हादसा नहीं, बल्कि हेमंत सरकार और ईचागढ़ विधायक की घोर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक गांवों में रहने वाले गरीब लोग हाथी-मानव संघर्ष का शिकार होते रहेंगे और क्या उनकी जान की कोई कीमत नहीं है?

उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार ऐसी घटनाओं के बाद सरकार केवल मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई जा रही है। महतो ने कहा कि क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद न तो समय पर अलर्ट सिस्टम की व्यवस्था है और न ही रात के समय वन विभाग की प्रभावी निगरानी, जो प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।

हरे लाल महतो ने विधायक निधि से उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जरूरत के समय एम्बुलेंस आखिर क्यों उपलब्ध नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि घटना की रात ग्रामीणों के आग्रह पर “जन सेवा ही लक्ष्य” के तहत निशुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

शनिवार को हरे लाल महतो ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हाड़ात गांव का दौरा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की। इस दौरान उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज के लिए चांडिल वन विभाग के प्रभारी रेंजर से फोन पर बातचीत कर आवश्यक ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा हाथी पीड़ित घायलों की उच्चतम इलाज की मांग की।

महतो ने सरकार से मांग की कि हाथी-मानव संघर्ष को रोकने के लिए स्थायी और ठोस रणनीति बनाई जाए, प्रभावित क्षेत्रों में रात के समय विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए और वन विभाग को पूरी तरह सक्रिय किया जाए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आजसू पार्टी जनहित में सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने को बाध्य होगी।

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