कुकड़ू में अवैध बालू कारोबार को लेकर सियासी घमासान, वर्तमान व पूर्व जिप उपाध्यक्ष आमने-सामने

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मधुश्री महतो ने पूर्व जिप उपाध्यक्ष अशोक साव उर्फ माझी साव के आरोपों पर किया पलटवार, पांच वर्षों के बालू कारोबार की उच्चस्तरीय जांच की मांग

कुकड़ू, 02 सितंबर : सरायकेला खरसावां जिले के तिरुलडीह थाना क्षेत्र में कथित अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर कुकड़ू प्रखंड की राजनीति गरमा गई है। पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष सह ग्रामप्रधान अशोक साव उर्फ माझी साव द्वारा पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए जाने के बाद वर्तमान जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने पलटवार किया है। सिरुम स्थित अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मधुश्री महतो ने बिना नाम लिए पूर्व नेता सह ग्रामप्रधान पर तीखा हमला बोला।

मधुश्री महतो ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से तिरुलडीह क्षेत्र में कथित अवैध बालू कारोबार जारी रहने के बावजूद संबंधित व्यक्ति ने कभी इसका विरोध नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि जेसीबी मशीनों के माध्यम से बालू लोडिंग से लेकर हाइवा और ट्रैक्टरों के जरिए परिवहन तक की गतिविधियां रात के समय चलती रहीं। ऐसे में अब चुनावी माहौल को देखते हुए अवैध बालू कारोबार के खिलाफ आवाज उठाना जनता को गुमराह करने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि यदि वर्षों से अवैध खनन और परिवहन की जानकारी थी तो उस समय आवाज क्यों नहीं उठाई गई। मधुश्री ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप के बजाय पिछले पांच वर्षों में तिरुलडीह क्षेत्र में हुए बालू खनन, परिवहन, जब्ती, जेसीबी मशीनों के इस्तेमाल, चालान और राजस्व से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पूर्व जिप उपाध्यक्ष की ओर से खनन विभाग द्वारा सीज किए गए करीब 20 लाख सीएफटी बालू के कथित अवैध उठाव और पुलिस की मिलीभगत के लगाए गए आरोपों पर भी राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मधुश्री महतो ने कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो प्रशासनिक रिकॉर्ड और जांच के माध्यम से इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।

प्रेस वार्ता में मधुश्री महतो ने संबंधित पूर्व नेता पर अन्य कथित अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने चावल की कथित हेराफेरी, तिरुलडीह थाना में ट्रैक्टर जब्त होने तथा रसोई गैस डीलरशिप से जुड़ी शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों की वास्तविकता पुलिस एवं संबंधित विभागों के रिकॉर्ड से स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पारगामा स्थान के नाम पर गैस एजेंसी प्राप्त किए जाने के बाद उसके गोदाम और शोरूम के संचालन को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

मधुश्री ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कथित संपत्ति और काली कमाई की भी सीआईडी से जांच कराने की मांग उठाई। साथ ही कहा कि वह अवैध बालू खनन, परिवहन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला प्रशासन से लेकर राज्यपाल तक लिखित शिकायतें करती रही हैं और आगे भी इस मुद्दे को उठाती रहेंगी।

उन्होंने 12 जुलाई 2025 को सिरुम शहीद चौक पर ग्रामीणों द्वारा दो हाइवा पकड़े जाने की घटना का भी जिक्र किया। मधुश्री ने कहा कि उक्त मामले में प्रशासन की भूमिका और संबंधित लोगों की कथित मिलीभगत की भी जांच होनी चाहिए। इसके अलावा 18 जुलाई 2025 को कुकड़ू में हुए पुतला दहन का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भी बालू कारोबार को लेकर राजनीति की गई, जबकि कथित अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के वास्तविक मामलों पर गंभीरता से सवाल नहीं उठाए गए।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के भोले-भाले ट्रैक्टर मालिकों को कथित तौर पर मोहरा बनाकर बड़े स्तर पर चल रहे अवैध कारोबार से ध्यान भटकाने की कोशिश की गई। मधुश्री ने प्रशासन से पिछले पांच वर्षों के बालू खनन एवं परिवहन की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जब्त वाहनों, जेसीबी मशीनों, चालान, राजस्व और पूर्व में मिली शिकायतों की भी समीक्षा होनी चाहिए।

मधुश्री महतो ने कहा कि जनता अब आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति को समझ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली” वाली राजनीति ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब राजनीतिक रूप से देगी।

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