टाटा-रांची एनएच 33 की दुर्दशा: जर्जर सड़क और भीषण जाम से परेशान लोग, टोल वसूली पर उठे सवाल

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टाटा-रांची एनएच 33 की दुर्दशा: जर्जर सड़क और भीषण जाम से परेशान लोग, टोल वसूली पर उठे सवाल

चांडिल – संवाददाता, 23 अगस्त : टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-33) की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। राहगीरों को जर्जर सड़क पर हिचकोले खाने के साथ-साथ अब भीषण जाम की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल गोलचक्कर से पाटा टोल प्लाजा तक का मार्ग आज तक अधूरा है। करीब दो किलोमीटर लंबे इस हिस्से पर रोज़ाना वाहनों की लंबी कतार लग रही है। सैकड़ों वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं।

इस जाम का सबसे गंभीर असर एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं पर पड़ रहा है। कई बार मरीजों और आपातकालीन वाहनों को भी घंटों इंतजार करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल टैक्स देने के बावजूद यात्रियों को बदहाल और अधूरी सड़क पर सफर करना पड़ रहा है, जो बेहद शर्मनाक है।

एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) की लापरवाही साफ झलक रही है। न तो अधूरे मार्ग का निर्माण कार्य पूरा किया गया है और न ही सिंगल मार्ग की मरम्मत कराई गई है। नतीजा यह है कि वाहन चालक मजबूरी में खस्ताहाल सड़कों पर चलने और घंटों जाम में फंसने को विवश हैं।

लोगों का कहना है कि जब वाहन मालिक और संचालक रोड टैक्स, टोल टैक्स, इनकम टैक्स समेत तमाम करों का भुगतान करते हैं, तो बदले में उन्हें सुगम और सुरक्षित सड़क क्यों नहीं मिल रही। सवाल यह भी उठता है कि जब सड़क अधूरी और जर्जर है तो टोल वसूली का औचित्य क्या है।

एनएचएआई की यह उदासीनता न सिर्फ प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाती है, बल्कि यह राहगीरों के साथ खुला अन्याय है। यात्रियों और आम जनता ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे टोल प्लाजा पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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