जमशेदपुर : नगर निगम गठन के खिलाफ माझी बाबाओं की बालीगुमा में महत्वपूर्ण बैठक, आंदोलन की चेतावनी

जमशेदपुर, 1 अगस्त : अनुसूचित क्षेत्र में नगर निगम के गठन और प्रस्तावित चुनावों के खिलाफ आदिवासी समुदाय का विरोध तेज़ होता जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को संयुक्त ग्राम सभा समिति के बैनर तले बालीगुमा स्थित माझी थान परिसर में 12 मौजा के माझी-बाबाओं की एक अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में आदिवासी परंपरागत स्वशासन व्यवस्था के साथ हुए कथित संवैधानिक उल्लंघन पर गंभीर चिंता जताई गई।
बैठक की अध्यक्षता बालीगुमा के माझी बाबा रमेश मूर्मू ने की। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मानगो नगर निगम का गठन संविधान के अनुच्छेद 244 और पांचवीं अनुसूची का उल्लंघन है। माझी-बाबाओं का कहना है कि झारखंड नगर निगम अधिनियम, 2011 को अनुसूचित क्षेत्रों में लागू करना आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों का सीधा हनन है।
सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष का ऐलान
बैठक में यह स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि राज्य सरकार बिना पेसा कानून (PESA Act) के प्रावधानों को लागू किए, नगर निगम चुनाव कराने का प्रयास करती है, तो इसके खिलाफ सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार अपनी जिद पर अड़ी रही, तो राजनीतिक दलों का सामाजिक-राजनैतिक बहिष्कार किया जाएगा और व्यापक स्तर पर उलगुलान (जनआंदोलन) खड़ा किया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 15 दिनों के भीतर झारखंड हाई कोर्ट में नगर निगम गठन और चुनाव के खिलाफ याचिका दायर की जाएगी। जानकारी के अनुसार, याचिका की तैयारी अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे दाखिल किया जाएगा।
शामिल रहे ये पारंपरिक ग्राम प्रतिनिधि :
दीपक मूर्मू – माझी बाबा, डिमना, दुर्गा मूर्मू – माझी बाबा, कुमरूम, सनातन टूडू – परानिक बाबा, गोड़गोड़ा, बीरेन मूर्मू – माझी बाबा, दाईगूट्टू, राजेन्द्र सोरेन – माझी, बावनगोड़ा, सुनील हेम्ब्रम – माझी, तुरियाबेड़ा आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।
बैठक में पारंपरिक स्वशासन प्रणाली को बचाने और संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए आदिवासी समाज की एकता व संघर्षशीलता का मजबूत संदेश दिया गया।



