
विधानसभा घेराव में उमड़ी छात्रों की भीड़ को सोहन महतो ने दिया हूल जोहार, कहा- आंसू गैस और वाटर कैनन से नहीं टूटेगा हौसला
चांडिल, 10 अगस्त : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और सरकारी नियुक्तियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विधानसभा घेराव में हजारों की संख्या में छात्रों के शामिल होने पर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) के झारखंड प्रदेश सचिव सोहन महतो ने आंदोलनकारी छात्रों की एकजुटता को क्रांतिकारी हूल जोहार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार यदि जल्द छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
सोहन महतो ने कहा कि JPSC, JSSC और CGL जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के सवाल पर सरकार को अपनी जिद छोड़कर छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। झारखंड अलग राज्य बनने के बाद विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में अब छात्र मजबूर होकर सड़कों पर उतरने को विवश हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग है कि JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की जांच झारखंड हाईकोर्ट के तीन न्यायाधीशों तथा विधानसभा की जांच समिति के माध्यम से कराई जाए। जिन परीक्षाओं में अनियमितता और धांधली के आरोप सामने आए हैं, उन्हें रद्द कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा कराने की मांग भी छात्रों ने उठाई है। इसके साथ ही TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े अभय तिवारी की कथित संलिप्तता वाली परीक्षाओं की भी जांच कर उन्हें रद्द करने की मांग की गई है।
AIDSO ने सरकार से राज्य में रिक्त पड़े सभी सरकारी पदों पर अविलंब बहाली शुरू करने तथा सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्पष्ट परीक्षा कैलेंडर जारी कर उसका सख्ती से पालन कराने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सोहन महतो ने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों पर आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे छात्रों का आंदोलन कमजोर होने वाला नहीं है। AIDSO आंदोलन के शुरुआती दौर से ही छात्रों की मांगों के साथ खड़ा है और आगे भी उनके संघर्ष में साथ रहेगा। उन्होंने दावा किया कि संगठन की अपील पर बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा घेराव में शामिल हुए।
वहीं, विधानसभा घेराव के दौरान मौके पर मौजूद AIDSO के प्रदेश अध्यक्ष समर महतो ने आरोप लगाया कि छात्रों के विशुद्ध आंदोलन को कमजोर करने के लिए विपक्षी भाजपा और RSS की ओर से विभिन्न हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आंदोलन का अंतिम परिणाम राज्य के छात्र ही तय करेंगे। AIDSO छात्रों के आंदोलन का पूर्ण समर्थन करता है।
समर महतो ने छात्रों से अवसरवादी राजनीतिक दलों और नेताओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों को अपने मुद्दों और अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार आने वाले दिनों में छात्रों की मांगों को पूरा नहीं करती है तो आंदोलन को राजधानी से लेकर प्रदेश के सभी जिलों तक और तेज किया जाएगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्र हित में तत्काल हस्तक्षेप कर मांगों को स्वीकार करने की अपील की, ताकि छात्रों के आंदोलन को समाप्त करने की दिशा में सकारात्मक पहल हो सके।



