IAS अधिकारी विनय चौबे को मिली जमानत, चार्जशीट दाखिल न होने पर कोर्ट का फैसला

रांची, 19 अगस्त : झारखंड के चर्चित शराब घोटाला प्रकरण में गिरफ्तार IAS अधिकारी विनय चौबे को बड़ी राहत मिल गई है। गिरफ्तारी के ठीक 92 दिन बाद विशेष एसीबी कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश सुनाया।
दरअसल, एसीबी अब तक उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने में नाकाम रही, जबकि कानून के मुताबिक 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल किया जाना जरूरी था। इसी आधार पर अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की धारा 187(2) का हवाला देते हुए चौबे को जमानत प्रदान की।
जमानत मिलने के साथ ही अदालत ने कुछ सख्त शर्तें भी तय की हैं। जिसमें चौबे राज्य से बाहर जाने से पहले अदालत को सूचित करेंगे।ट्रायल की अवधि में मोबाइल नंबर नहीं बदल सकेंगे। 25-25 हजार रुपये के दो निजी मुचलके जमा कराने होंगे।
इस मामले में अब तक एसीबी किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं कर सकी है। वहीं, चौबे की ओर से अधिवक्ता देवेश आजमानी ने अदालत में बहस कर अपनी दलीलें पेश कीं।
यह आदेश आने के बाद माना जा रहा है कि एसीबी की जांच पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि इतनी लंबी अवधि के बाद भी एजेंसी चार्जशीट दाखिल करने में असफल रही।


