अस्पताल या हादसे की इमारत? 52 करोड़ की ये संरचना खुद ‘आईसीयू’ में!

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अस्पताल या हादसे की इमारत? 52 करोड़ की ये संरचना खुद ‘आईसीयू’ में!

 

विशेष रिपोर्ट , ManbhumUpdates.com

सरायकेला, संवाददाता,01 अगस्त : झारखंड के सरायकेला ज़िले में 52 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 100 बेड का आधुनिक अस्पताल अब ‘स्वास्थ्य का केंद्र’ कम और ‘भ्रष्ट निर्माण की गवाही’ ज़्यादा दे रहा है।

अभी उद्घाटन भी नहीं हुआ, और दीवारों में दरारें, फर्श में टूट-फूट, छत में रिसाव—पूरे भवन की हालत देखकर लगता है जैसे यह अस्पताल नहीं, खुद एक बीमार ढांचा हो।

स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा है। उनका आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है और गुणवत्ता की निगरानी न के बराबर है। ‘काला ईंटों’ से खड़ी की जा रही यह इमारत, तकनीकी मानकों और इंजीनियरिंग सिद्धांतों की खुलेआम अवहेलना कर रही है।

दरारें सिर्फ दीवारों में नहीं, सिस्टम में भी हैं!

जहां एक ओर राज्य सरकार इस परियोजना को “स्वास्थ्य क्रांति” बताकर प्रचारित कर रही है, वहीं हकीकत में यह इमारत जनता के भरोसे, जीवन और टैक्स के पैसे पर करारा तमाचा है।

भवन निर्माण की शुरुआत में ही दीवारों में फैली दरारें और कमजोर ढांचा आने वाले समय में गंभीर खतरे का संकेत दे रहा है। अगर यही हाल रहा, तो यह भवन मरीजों का इलाज करने की बजाय खुद मरम्मत का मोहताज बन जाएगा।

प्रशासन मौन, जनता परेशान

सबसे शर्मनाक बात यह है कि इस गड़बड़ी पर ज़िला प्रशासन अब तक चुप्पी साधे बैठा है। न कोई जांच, न कोई जवाबदेही।

क्या 52 करोड़ रुपये पानी में बहा दिए गए? क्या इस निर्माण घोटाले में किसी ‘ठेकेदारी गठजोड़’ का खेल चल रहा है? क्या जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा से बड़ा कोई कमीशन है?

इन सवालों का जवाब जनता मांग रही है — लेकिन सिस्टम ख़ामोश है।

ये सिर्फ एक इमारत की बात नहीं, ये पूरे सिस्टम की सच्चाई है। अगर अब भी आंखें नहीं खोली गईं, तो कल को ये ढांचा सिर्फ दीवार नहीं, भरोसे के मलबे में बदल जाएगा।

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