जल जीवन मिशन में देरी पर सख्त हुए उपायुक्त, लापरवाह ठेकेदारों पर लटकी कार्रवाई की तलवार

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अधूरी योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश, जरूरत पड़ने पर संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा होगी

सरायकेला, 15 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले में ग्रामीण परिवारों तक नल से पेयजल पहुंचाने की योजनाओं में हो रही देरी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के तहत संचालित ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान धीमी प्रगति वाली योजनाओं पर असंतोष जताते हुए उपायुक्त ने लंबित कार्यों में तेजी लाने और लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बैठक में जल उपचार संयंत्र, पाइपलाइन निर्माण, बहु-ग्रामीण जलापूर्ति योजना (एमवीएस), एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना (एसवीएस), इंटरवेल निर्माण, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और हर घर जल योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अभियंताओं और संवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।

लापरवाही पर कार्रवाई, ब्लैकलिस्ट करने की भी तैयारी

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी हो रही है या निर्धारित मानकों के अनुरूप काम नहीं किया जा रहा है, उनके जिम्मेदार संवेदकों के खिलाफ संविदा की शर्तों और प्रचलित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा भी भेजी जाएगी।

उन्होंने अभियंताओं को नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करने, निर्माण कार्यों की निगरानी बढ़ाने और योजनाओं की अद्यतन प्रगति से जिला मुख्यालय को अवगत कराने का निर्देश दिया।

निर्माण पूरा होने के बाद योजनाओं को चालू कराने पर जोर

उपायुक्त ने कहा कि जिन योजनाओं में संरचनात्मक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, वहां पाइपलाइन बिछाने समेत शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। निर्माण पूरा होने के बावजूद बंद पड़ी योजनाओं को जल्द चालू कराने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत हस्तांतरण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल निर्माण कार्य पूरा कर लेना पर्याप्त नहीं है। ग्रामीण परिवारों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराना भी संबंधित पदाधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों की जिम्मेदारी है।

छूटे हुए गांवों और घरों को भी जोड़ने का निर्देश

बैठक में उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों के छूटे हुए टोला, गांव और घरों को चिह्नित कर नल-जल योजना से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही हर घर जल योजना के तहत लंबित प्रमाणन और अन्य औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा योजनाओं की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करने का निर्देश दिया।

बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और संबंधित संवेदक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए योजनाओं की नियमित समीक्षा होगी और अनावश्यक देरी या लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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