कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, चांडिल एवं गम्हरिया का उपायुक्त नें किया औचक निरीक्षण

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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, चांडिल एवं गम्हरिया का उपायुक्त नें किया औचक निरीक्षण

पुस्तकालय में गुणवत्तापूर्ण, ज्ञानवर्धक एवं करियर उन्मुख पुस्तकों की हो उपलब्धता

चांडिल, 09 जुलाई : सरायकेला-खरसावां जिला के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने बुधवार को चांडिल एवं गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत अवस्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने विद्यालय परिसर में संचालित शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों जैसे आईसीटी प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट कक्षाएं तथा पुस्तकालय का स्थलीय अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न कक्षाओं में अध्ययनरत छात्राओं से शैक्षणिक संवाद स्थापित किया और गणित, विज्ञान एवं मानविकी विषयों पर संक्षिप्त शिक्षण सत्र का संचालन करते हुए छात्राओं की विषयगत समझ, अभिवृत्ति एवं ग्रहण क्षमता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया। उन्होंने छात्राओं को जटिल विषयों को सरलता से समझने के लिए व्यवहारिक सुझाव प्रदान किए तथा विषयों की व्यावहारिक उपयोगिता एवं संभावित करियर विकल्पों पर मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

आईसीटी प्रयोगशाला निरीक्षण के दौरान संबंधित शिक्षक से कंप्यूटर शिक्षा के पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही यह निर्देश दिया गया कि पाठ्यक्रम का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए। पुस्तकालय अवलोकन के उपरांत उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विभिन्न विषयों की उत्कृष्ट, ज्ञानवर्धक एवं करियर उन्मुख पुस्तकों की सूची तैयार करते हुए पुस्तकालय को समृद्ध किया जाए। निरीक्षण के बाद विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की समग्र समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालय संचालन में गुणात्मक सुधार, शिक्षण वातावरण की सुदृढ़ता तथा उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी एवं उद्देश्यपरक उपयोग के माध्यम से छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में ठोस पहल सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर की नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, सभी कक्षाओं में स्वच्छता प्रबंधन हेतु आवश्यक उपकरण/सामग्रियों की छात्राओं तक सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन कर छात्राओं के मानसिक एवं शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान दिए जाने का भी निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया।

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