रांची/बोकारो, 15 अप्रैल : बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से 21 जुलाई 2025 को लापता हुई पुष्पा महतो के मामले में आजसू पार्टी ने रांची स्थित अपने मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी ने मामले की सीबीआई जांच कराने और बोकारो एसपी को निलंबित करने की मांग की है।
पार्टी के महासचिव संजय मेहता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले में शुरुआत से ही लापरवाही बरती और केस को मोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पीड़िता की मां द्वारा 21 जुलाई को अपहरण का आवेदन दिए जाने के बावजूद पुलिस ने आवेदन की तारीख बदलकर 24 जुलाई कर दी और लंबे समय तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की। भारी दबाव के बाद 4 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज की गई, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
मेहता ने कहा कि नौ माह तक पुलिस निष्क्रिय बनी रही और हाईकोर्ट की फटकार के बाद ही एसआईटी का गठन किया गया। बाद में पुलिस ने एक नरकंकाल मिलने का दावा किया, लेकिन पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी रही। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है और बढ़ते अपराध से आम लोग भयभीत हैं।
बोकारो जिला अध्यक्ष सचिन महतो ने एसपी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके निलंबन की मांग दोहराई। वहीं, आजसू नेत्री बबीता कुमारी ने कहा कि अगर हर पीड़ित परिवार को न्याय के लिए हाईकोर्ट जाना पड़े, तो यह पुलिस व्यवस्था की विफलता है।
स्थानीय स्तर पर पीड़ित परिवार की मदद करने वाली रजनी रवानी ने पुलिस पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया और मामले में नार्को टेस्ट व डीएनए जांच की मांग की। वरिष्ठ नेता प्रदीप महतो ने कहा कि राज्य में अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है।
पीड़िता की मां रेखा देवी ने भी पुलिस प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और अब न्यायालय पर ही भरोसा है।
आजसू पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।