सदर अस्पताल पहुंचे नगर अध्यक्ष मनोज चौधरी व एसडीओ, कहा – गर्भवती महिला एवं गर्भस्थ शिशु की मृत्यु की घटना पर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी
सरायकेला, 12 जुलाई : सदर अस्पताल में गर्भवती महिला एवं उसके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु की अत्यंत दुखद सूचना प्राप्त होने पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी सदर अस्पताल पहुंचे तथा शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त कीं।
घटना के संबंध में परिजनों ने उपचार में लापरवाही, समय पर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं होने तथा अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मनोज चौधरी ने तत्काल उपायुक्त, सिविल सर्जन एवं अनुमंडल पदाधिकारी से की। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हेतु मेडिकल टीम गठित करने तथा यदि किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही सिद्ध होती है तो संबंधित चिकित्सक एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
मनोज चौधरी ने बताया कि उनकी मांग पर उपायुक्त ने तत्काल मेडिकल जांच टीम गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने एवं आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दे दिया है। साथ ही चिकित्सकीय अनुशासन से जुड़े अन्य मामलों की भी नियमानुसार समीक्षा एवं कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों एवं ग्रामीणों में स्वाभाविक आक्रोश व्याप्त था। अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश एवं नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने मौके पर उपस्थित होकर शोकाकुल परिजनों एवं ग्रामीणों से वार्ता की तथा निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन के आश्वासन के उपरांत परिजनों एवं ग्रामीणों ने अपना विरोध शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया।
इस अवसर पर मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि एक भी मरीज की जान लापरवाही के कारण जाना अत्यंत पीड़ादायक और अस्वीकार्य है। झारखंड सरकार मरीजों के जीवन एवं स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही, अनुशासनहीनता या असंवेदनशीलता किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।