चांडिल, 24 मार्च : सोमवार की रात चांडिल में भयावह स्थिति रहा। जैसे ही अंधेरा गहराया, वैसे ही जंगल की खामोशी को तोड़ते हुए एक रहस्यमयी हलचल ने पूरे इलाके को बेचैन कर दिया। लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में एक दंतैल हाथी उनकी नींद और सुकून दोनों छीनने वाला है। चांडिल डैम के नौका विहार परिसर में अचानक एक विशाल साया नजर आया। पहले तो लोगों ने इसे भ्रम समझा, लेकिन जब भारी कदमों की गूंज और पेड़ों के हिलने की आवाज सुनाई दी, तब सच सामने था। झुंड से बिछड़ा एक दंतैल हाथी इलाके में दाखिल हो चुका था। कुछ देर तक वह परिसर में ऐसे घूमता रहा मानो किसी अनजाने रास्ते की तलाश में हो। इसके बाद कहानी ने और खौफनाक मोड़ लिया। हाथी धीरे-धीरे रिहायशी इलाके की ओर बढ़ा और सीधे चांडिल अनुमंडल कार्यालय परिसर के पास पहुंच गया। वहां स्थित तरनी सिंह के मकान को उसने निशाना बनाया। अचानक हुए इस हमले ने पूरे घर को हिला कर रख दिया। दीवारें टूटती गईं, सामान बिखरता गया और कुछ ही मिनटों में एक बसा-बसाया घर मलबे में तब्दील हो गया। हाथी के हर कदम के साथ डर और गहराता गया। आसपास के लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए, सांसें थामे इस ‘खामोश खतरे’ के गुजरने का इंतजार करते रहे। पूरी रात चांडिल में सन्नाटा पसरा रहा, जिसे केवल उस दंतैल के भारी कदमों की गूंज तोड़ रही थी। सुबह होते-होते दहशत की यह रात चर्चा का विषय बन चुकी थी। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि इस ‘भटके हुए साये’ को सुरक्षित जंगल की ओर लौटाया जा सके और पीड़ित परिवार को मुआवजा मिल सके। फिलहाल, वन विभाग की टीम इलाके में नजर बनाए हुए है। लेकिन सवाल अब भी बाकी है, क्या यह खतरा टल गया है, या फिर अगली रात कोई नया साया फिर दस्तक देगा?