चांडिल : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रद्द करने की माँग, राष्ट्रपति को भेजा गया ज्ञापन

चांडिल, 28 अगस्त : सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ़ इंडिया (कम्युनिस्ट) – एस.यू.सी.आई(सी) चांडिल अनुमंडल कमिटी की ओर से गुरुवार को अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को तत्काल रद्द करने की माँग की गई है।

कार्यक्रम में उपस्थित एस.यू.सी.आई(सी) चांडिल अनुमंडल कमिटी के सचिव अनंत कुमार महतो ने कहा कि चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया गंभीर खामियों से भरी हुई है, जिसके कारण लाखों योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत प्रतीत होती है।
महतो ने बताया कि आयोग ने अपने पत्र में निर्देश दिया है कि – 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे लोगों को अपनी जन्मतिथि और जन्मस्थान साबित करना होगा।
1 जुलाई 1987 से 2 दिसम्बर 2004 के बीच जन्मे लोगों को अपनी जन्मतिथि के साथ माता-पिता में से किसी एक की जन्मतिथि और जन्मस्थान प्रमाणित करना होगा।
2 दिसम्बर 2004 के बाद जन्मे लोगों को अपने साथ-साथ माता-पिता दोनों की जन्मतिथि और जन्मस्थान साबित करना होगा।
सबसे आश्चर्य की बात यह है कि आयोग ने आधार कार्ड, राशन कार्ड और यहाँ तक कि फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र को भी पहचान के प्रमाण के रूप में स्वीकार करने से इंकार कर दिया है। जबकि, यही मतदाता पहचान पत्र आयोग ने स्वयं नागरिकों को मतदान सुनिश्चित कराने के लिए उपलब्ध कराया था।
एस.यू.सी.आई(सी) नेताओं ने सवाल उठाया कि जिन लोगों के पास कभी नौकरी नहीं रही, वे रोजगार पहचान पत्र या पेंशन आदेश कहाँ से लाएँगे? 1987 से पहले के बैंक या डाकघर खाते, एलआईसी पॉलिसियां और जन्म प्रमाण पत्र बहुत कम लोगों के पास उपलब्ध हैं। आदिवासी, पिछड़े वर्ग और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के अशिक्षित गरीब तबके सबसे अधिक प्रभावित होंगे। इससे बड़ी संख्या में नागरिक मताधिकार से वंचित हो सकते हैं, जो लोकतंत्र की नींव के लिए गंभीर खतरा है।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से आग्रह किया गया है कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को तत्काल रद्द कर, एक निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए ताकि कोई भी योग्य नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न हो।
आज के कार्यक्रम में अनंत कुमार महतो के अलावा आशुदेव महतो, हराधन महतो, धीरेन गौड़, विशेश्वर महतो, युधिष्ठिर प्रमाणिक, उदय तंतुबाई, भुजोंग मछुआ, राजा प्रमाणिक और चिंकि तंतुबाई उपस्थित थे।



