
चांडिल,28 अक्टूबर : आस्था और श्रद्धा के महापर्व छठ पूजा के दौरान चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। स्वर्णरेखा नदी के शहरबेड़ा छठ घाट पर एक नाबालिग सहित तीन लोगों के डूबने की घटना के बाद प्रशासनिक तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लापरवाही पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है कि आखिर किसकी गलती से यह घटना घटी ? क्योंकि, प्रशासन की मानें तो पूर्व में ही डेंजर जोन का बोर्ड लगाकर श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की अपील की गई थी।

जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले में छठ पर्व को लेकर पहले से तैयारी शुरू की गई थी। उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह स्वयं मोर्चा संभाले हुए थे और अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया था कि सभी छठ घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वहीं, डेंजर जोन क्षेत्र में बोर्ड लगाए गए थे।

इस शहरबेड़ा घाट पर जहां पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं, इस बार भी त्रासदी का केंद्र बन गया। इस घटना के बाद अब प्रशासन को और अधिक सुरक्षा व्यवस्था करनी होगी। वहीं, श्रद्धालुओं को भी प्रशासनिक गाइडलाइन का पालन करना होगा।
सोमवार देर रात तक स्थानीय गोताखोरों द्वारा शवों की खोजबीन की गई लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद आज मंगलवार को प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को बुलाया। अब एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला है। बताया जा रहा है कि एनडीआरएफ की टीम ने और एक शव को बाहर निकाला है, जबकि और एक शव की तलाश में जुटी है।



