बड़ी खबर | झारखंड में जल्द होंगे नगर निकाय चुनाव, ओबीसी आरक्षण का रास्ता साफ

रांची ,05 जुलाई : झारखंड में बहुप्रतीक्षित नगर निकाय चुनाव को लेकर अब पूरी प्रक्रिया जोर पकड़ चुकी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। वहीं, ओबीसी आरक्षण को लेकर भी स्थिति अब साफ होती नजर आ रही है।
झारखंड उच्च न्यायालय ने हाल ही में राज्य सरकार को आदेश दिया था कि चार महीने के भीतर नगर निकाय चुनाव संपन्न कराए जाएं, जिसके बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है।
गिरिडीह सांसद एवं आजसू पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश चौधरी की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पिछले पंचायत चुनाव के दौरान ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका पर सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि पंचायत चुनाव में विलंब से केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला फंड रुका हुआ है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया था कि निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकार ने यह भी माना था कि ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए “ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया” जरूरी है, जिसे पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा पूरा कर लिया गया है। हालांकि आयोग के अध्यक्ष का पद रिक्त होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे जल्द ही आयोग की बैठक होगी और ट्रिपल टेस्ट की रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव केवल स्थानीय शासन के गठन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह झारखंड की सामाजिक न्याय व्यवस्था, विशेषकर ओबीसी वर्ग की भागीदारी और राजनीतिक दबाव तंत्र की शक्ति का भी निर्धारण करेगा।
अब सबकी नजरें राज्य निर्वाचन आयोग और आयोग में होने वाली अगली नियुक्तियों पर टिकी हैं।



