साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार एवं महिला सुरक्षा के प्रति छात्राओं को किया गया जागरूक
आदित्यपुर, 29 जुलाई : जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को आदित्यपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में साइबर अपराध से बचाव एवं साइबर सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को डिजिटल युग में साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पुलिस उपाधीक्षक दुसरु बनसिंह ने छात्राओं को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ओटीपी, बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी एवं व्यक्तिगत सूचनाओं को किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने सहित साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारीपूर्वक एवं सतर्कतापूर्वक उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित प्राधिकरण एवं साइबर हेल्पलाइन की सहायता लेने का आह्वान किया।
इसी अवसर पर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत निबंध लेखन, स्लोगन लेखन एवं चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं का उद्देश्य छात्राओं में शिक्षा, लैंगिक समानता, आत्मविश्वास, महिला सम्मान एवं बालिका सशक्तिकरण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना था। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने, बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव एवं महिलाओं के विरुद्ध हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थिति में बिना संकोच संबंधित विभाग एवं सहायता सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक पूर्णिमा नायक ने छात्राओं को महिला सुरक्षा, महिला अधिकारों, वन स्टॉप सेंटर द्वारा उपलब्ध सहायता सेवाओं एवं विभिन्न हेल्पलाइन की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न अथवा संकट की स्थिति में शासन द्वारा उपलब्ध सहायता तंत्र का लाभ लेकर समय पर सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मी एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।