विधायक जयराम महतो ने आदिवासी नेत्री निशा भगत को JLKM पार्टी से किया निष्कासित
मानभूम अपडेट्स, डेस्क 06 सितंबर : डुमरी विधायक एवं झारखण्ड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केन्द्रीय अध्यक्ष जयराम कुमार महतो ने अपनी पार्टी की आदिवासी नेत्री निशा भगत को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी की अनुशासन समिति की सिफारिश पर लिया गया यह निर्णय अगले छह वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान निशा भगत को पार्टी की किसी भी गतिविधि, पद या दायित्व से पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जयराम महतो ने आदेश जारी करते हुए कहा कि JLKM का मूल उद्देश्य सभी समाज, लिंग, संप्रदाय, धर्म और जातियों के सम्मान व समानता की रक्षा करना है। लेकिन हाल ही में मीडिया और सोशल मीडिया पर निशा भगत द्वारा कुड़मी समुदाय के संबंध में दिए गए असत्य, आपत्तिजनक और अनुचित बयान से पार्टी की छवि धूमिल हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसा आचरण पार्टी की नीतियों, सिद्धांतों और अनुशासन के प्रतिकूल है और इससे समाज में आपसी भाईचारा व सामंजस्य को ठेस पहुंचती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ऐसे विभाजनकारी वक्तव्यों को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं कर सकती। इसलिए निशा भगत को तत्काल प्रभाव से सभी पदों व जिम्मेदारियों से मुक्त करते हुए छह वर्षों तक निष्कासित करने का निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि आगामी 20 सितंबर को कुड़मी समुदाय ने एक बार फिर रेल टेका आंदोलन का आह्वान किया है। समुदाय एसटी का दर्जा देने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत है। इस मुद्दे पर विभिन्न संगठनों और नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कोई कुड़मी समाज की मांग का समर्थन कर रहा है तो कोई विरोध जता रहा है।
इसी बीच निशा भगत ने हाल ही में कुड़मी समाज की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद यह विवाद खड़ा हुआ। निशा भगत JLKM पार्टी के टिकट पर गुमला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुकी हैं।