नरसिंह इस्पात कंपनी परिसर में जनसुनवाई करने का ग्रामीणों ने किया विरोध

चांडिल, 29 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत चौका थाना क्षेत्र के चौका-कांड्रा सड़क पर खूंटी में स्थित मेसर्स नरसिंह इस्पात लिमिटेड परिसर में शुक्रवार को आयोजित जनसुनवाई का ग्रामीणों ने तीव्र विरोध किया। परिसर के अंदर जनसुनवाई आयोजित करने के कारण ग्रामीणों ने इसका बहिष्कार करते हुए बैठक बुलाई और अपना विरोध दर्ज कराया। कंपनी परिसर में शुक्रवार को पीग आयरन प्लांट, सिटर प्लांट और गैस आधारित पावर प्लांट की क्षमता वृद्धि, नया डक्टाइल आयरन पाइप प्लांट एवं ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना से संबंधित विवरणों एवं पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट को साझा करने तथा स्थानीय हितधारकों, नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों अन्य सभी से सुझाव, आपत्ति और दावा पेश करने के लिए जनसुनवाई आयोजित किया गया था।

ग्रामीणों ने कंपनी के अंदर आयोजित जनसुनवाई का जमकर विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि जनसुनवाई कंपनी के बाहर किसी मैदान में होना चाहिए एवं कंपनी के उत्पादन वृद्धि एवं विस्तार ग्रामीणों के सुविधा अनुसार होना चाहिए। इस अवसर पर खूंटी पंचायत के पंचायत समिति सदस्य परीक्षित महतो ने कहा कि कंपनी विगत 18 साल से सीएसआर के तहत प्रभावित क्षेत्र में कुछ भी विकास कार्य नहीं किया। कंपनी में कार्यरत मजदूरों को समुचित सुविधा नहीं दी जाती है। सिंचाई केनाल से कंपनी व्यवसाय के लिए चोरी-छिपे पानी ले रही है। कंपनी से फैलाई जा रही विनाशकारी प्रदूषण से क्षेत्र के लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। प्रभावित ग्रामीणों ने कहा कि हम कंपनी ओर कंपनी के विस्तार का विरोधी नहीं है, लेकिन कंपनी के कारण क्षेत्र में विकास भी तो दिखना चाहिए। प्रदूषण, किसानों का हक मारना, मजदूरों का शोषण किए जाने के कारण ग्रामीण कंपनी का विरोध कर रहें है।
कंपनी के अंदर आयोजित जनसुनवाई के विरोध में खूंटी, कुरली, मुसरीबेड़ा समेत आसपास के ग्रामीणों ने बैठक किया। बैठक में ग्रामीणों ने नरसिंह इस्पात लिमिटेड कंपनी के विस्तार का विरोध और कंपनी परिसर के अंदर होने वाली तथाकथित जनसुनवाई पर सवाल उठाया। बैठक में बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी। महिलाओं ने कंपनी प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए। महिलाओं ने कहा कि कंपनी का विस्तार उनके जीवन और आजीविका को खतरे में डाल देगा। मौके पर ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि नरसिंह इस्पात लिमिटेड कंपनी का विस्तार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि भविष्य में जनसुनवाई कंपनी परिसर के बाहर गांवों में खुले स्थान में आयोजित की जाए और कंपनी ग्रामीणों की समस्याओं का पहले समाधान करे।



