जमशेदपुर : काशीडीह में धूमधाम से मना चतड़ा चौथ सिंधारा महोत्सव

पारंपरिक मारवाड़ी त्योहार को पुनर्जीवित करने का हुआ प्रयास
जमशेदपुर, 26 अगस्त : काशीडीह मारवाड़ी समाज द्वारा भूले-बिसरे पारंपरिक त्यौहार चतड़ा चौथ सिंधारा महोत्सव का आयोजन बिस्टुपुर स्थित श्री सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर (श्री श्याम मंदिर) में बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में समाज की युवा पीढ़ी, नारी शक्ति और वरिष्ठजन बड़ी संख्या में शामिल हुए।
आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को संस्कृति एवं परंपरा से जोड़ना, सामुदायिक एकता को बढ़ावा देना और सिंधारा पर्व को उत्सव के रूप में जीवित रखना था। विशेष रूप से 8 वर्ष से 25 वर्ष तक के युवाओं और नवविवाहित जोड़ों की सहभागिता पर बल दिया गया।
महोत्सव में गुड़धानी, डंका, खेल-मनोरंजन गतिविधियां, पुरुषों को मेहंदी लगाना, संगीत और स्वादिष्ट जलपान जैसी पारंपरिक झलकियाँ आकर्षण का केंद्र बनीं। विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विजेताओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल सह पत्नी मीना अग्रवाल तथा पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन अध्यक्ष मुकेश मित्तल सह पत्नी ममता मित्तल उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि समाज को जोड़ने और संस्कृति को संजोने का यह सराहनीय प्रयास है।
इस मौके पर प्रांतीय उपाध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल, संगठन महामंत्री सुरेश सोंथालिया, काशीडीह समाज अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल और नारी शक्ति विंग प्रभारी संगीता शर्मा ने भी संबोधित किया। वहीं विमल मुरारका ने चतड़ा चौथ पर आधारित पारंपरिक मारवाड़ी गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया।
महोत्सव में जिलेभर से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। नारी शक्ति विंग की संगीता शर्मा, स्वाति अग्रवाल, राखी शर्मा, रश्मि अग्रवाल समेत अन्य महिलाओं ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन रश्मि अग्रवाल एवं मेनका शर्मा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन स्वाति अग्रवाल ने दिया।
नारी शक्ति विंग ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं था, बल्कि समाज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ना था।



