नगड़ी आंदोलनकारियों को ‘भाड़े का’ बताने पर आजसू का पलटवार

रांची, 25 अगस्त : नगड़ी में आंदोलन कर रहे आदिवासी–मूलवासी ग्रामीणों को ‘भाड़े का’ बताने वाले स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर आजसू पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी के केन्द्रीय उपाध्यक्ष एवं झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर ने मंत्री अंसारी पर पलटवार करते हुए कहा कि वे खुद बिहार जाकर राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में भीड़ जुटाने का काम कर रहे हैं।
प्रभाकर ने कहा कि इरफान अंसारी नगड़ी के आंदोलनकारियों को भाड़े का कहकर आदिवासी–मूलवासी जनता का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री द्वारा नगड़ी में रिम्स-2 बनाए जाने की बात दोहराना भी आंदोलनकारियों और झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन का अपमान है।
उन्होंने कहा कि गुरुजी शिबू सोरेन ने स्वयं नगड़ी के ग्रामीणों से खेत जोतने की अपील की थी और हेमंत सरकार उन्हीं फैसलों के विपरीत काम कर रही है। “झामुमो–कांग्रेस को जब वोट की आवश्यकता होती है तब आदिवासी–मूलवासी और जल–जंगल–जमीन की याद आती है। सत्ता में आते ही वही लोग उनके शोषण में लग जाते हैं,” प्रभाकर ने कहा।
आजसू नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी विकास का विरोध नहीं करती, लेकिन खेती की जमीन पर रिम्स-2 बनाए जाने का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि झारखंड में पर्याप्त बंजर भूमि उपलब्ध है, जहां अस्पताल का निर्माण किया जा सकता है।
कांग्रेस पर हमला करते हुए प्रभाकर ने कहा कि उसका इतिहास हमेशा से “रक्तरंजित” रहा है और झारखंड आंदोलन के दौरान भी कांग्रेस ने आंदोलनों को दबाने का काम किया। “इरफान अंसारी उसी झारखंड विरोधी कांग्रेस की भाषा बोल रहे हैं, जो कभी नहीं चाहती थी कि यह राज्य बने और आदिवासियों को अधिकार मिले,” उन्होंने कहा।



