आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की मांग को लेकर विधानसभा परिसर में धरना

रांची, 25 अगस्त : झारखंड विधानसभा परिसर स्थित कूटे मैदान में सोमवार को आरटीआई कार्यकर्ता संघ की ओर से एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। धरना की अध्यक्षता संघ के केंद्रीय समिति अध्यक्ष दिल बहादुर ने की। इस दौरान विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो के नाम पर मजिस्ट्रेट बी. महतो को सौंपा गया।
धरना को संबोधित करते हुए अध्यक्ष दिल बहादुर ने कहा कि लोकतंत्र में आरटीआई कार्यकर्ताओं को धमकाना सरासर गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना मांगने पर न केवल जानकारी देने से इंकार किया जा रहा है बल्कि धमकी भी दी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विधानसभा में विधायकों द्वारा आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पहल नहीं की जाती है, तो न्यायालय से लेकर संसद भवन तक आंदोलन चलाया जाएगा।
धरना में उपाध्यक्ष सदन कुमार ठाकुर, मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष दिनेश कुमार किनू, मनोज कुमार सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारियों ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

धमकी और पुलिस निष्क्रियता का आरोप
कार्यक्रम में संघ के केंद्रीय महासचिव कृतिवास मंडल ने बताया कि वे वर्ष 2005 से लगातार आरटीआई के माध्यम से भ्रष्टाचार का खुलासा कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि 18 मई 2025 की रात उन्हें मोबाइल नंबर 07903056259 से धमकी भरा कॉल आया, जिसकी शिकायत 20 मई को वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम को दी गई।
इसके बावजूद 14 जून को परसुडीह थाना प्रभारी फैज अहमद ने एफआईआर दर्ज करने के नाम पर लिखित आवेदन लिया लेकिन अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया। इसी तरह 23 जून को डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर, जमशेदपुर मोहम्मद तोकीर आलम ने पूछताछ की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
संघ ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन आरोपी को संरक्षण दे रहा है और सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत नागरिकों को जो सुरक्षा मिलनी चाहिए उसका मजाक उड़ाया जा रहा है।
इसी तरह, जादूगोड़ा के सुनील मुर्मू को भी धमकी दिए जाने का मामला सामने आया, लेकिन पुलिस ने दोनों पक्षों पर ही कार्रवाई कर मामले को हल्का कर दिया।
धरना में आरटीआई कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और प्रशासन से मांगें रखीं हैं कि धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान कर शीघ्र एफआईआर दर्ज की जाए।पोटका प्रखंड कार्यालय से जुड़े कर्मियों की भूमिका की जांच की जाए। आरटीआई कार्यकर्ताओं को तत्काल व्यक्तिगत सुरक्षा प्रदान की जाए। इसके अलावा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा हेतु राज्य सरकार ठोस नीति बनाए। निष्क्रियता बरतने वाले अधिकारियों फैज अहमद (थाना प्रभारी परसुडीह) और मोहम्मद तोकीर आलम (डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर, जमशेदपुर) पर कार्रवाई की जाए। वहीं, राज्य सूचना आयोग और मानवाधिकार आयोग में रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां कर संस्थाओं को सक्रिय बनाया जाए।
कार्यक्रम में मुस्ताक अहमद, दिनेश कर्मकार, छेदी कुमार, सुनील प्रसाद, सत्येंद्र सिंह, लक्ष्मण किस्कू, राजू बेसरा, सुलोचना देवी, मोमिता मुखी, बबीता मुखी, ममता रविदास, सरस्वती देवी, अजय मंडल, सुसैन गोप, नीलकमल, विजय सिंह मुंडा, लक्ष्मण टुडू, आतिश शर्मा, सावन मुर्मू, चंद्रशेखर रजक, घांसीराम हांसदा, कृष्ण मदन मोहन महतो, राहुल कुमार महाली, शंकर महतो, प्रकाश चंद्र महतो, सत्यजीत कुमार और रंजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में आरटीआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।



