मासिक अपराध गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने थानेदारों को दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश

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मासिक अपराध गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने थानेदारों को दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश

सरायकेला, 18 अगस्त : सरायकेला-खरसावां पुलिस अधीक्षक मुकेश लुणायत की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पुलिस कार्यालय सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी (क्राइम मीटिंग) का आयोजन किया गया। बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला एवं चांडिल, सभी थाना प्रभारी, अंचल निरीक्षक और शाखा प्रभारियों ने हिस्सा लिया।

 

बैठक में आगामी त्योहारों को लेकर विधि-व्यवस्था संधारण पर विशेष चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। वहीं, जुलाई माह में दर्ज अपराधों की समीक्षा करते हुए उनके उद्भेदन और निष्पादन पर जोर दिया गया। इस दौरान जून माह में तीन या उससे अधिक मामलों का निष्पादन करने वाले अनुसंधानकर्ताओं को सुसेवांक से सम्मानित किया गया।

 

बैठक में जनवरी से जुलाई तक जिले में दर्ज संपत्तिमूलक कांडों की थानावार समीक्षा की गई। जिन मामलों का उद्भेदन नहीं हुआ है, उनके शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया। अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए “प्रहरी पहल” अभियान की समीक्षा कर उसे और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। सड़क सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं को iRAD/eDAR पोर्टल पर 48 घंटे के भीतर दर्ज करने का आदेश दिया गया। वाहन चेकिंग और एमवीआई एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई पर भी जोर दिया गया। नशे के कारोबारियों व ब्राउन शुगर माफियाओं पर सख्ती के निर्देश देते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत PIT प्रस्ताव भेजने और अवैध शराब पर निरंतर छापेमारी करने का आदेश दिया गया। सभी थाना प्रभारियों को बलात्कार और पोक्सो मामलों का 60 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। चिन्हित अपराधियों पर CCA, निगरानी और बेल कैंसिलेशन की कार्यवाही का निर्देश दिया गया। पासपोर्ट सत्यापन पांच दिनों में पूरा करने और आवेदकों को अनावश्यक परेशान न करने का आदेश दिया गया। डायल 112 पर प्राप्त शिकायतों पर 10 मिनट के भीतर रिस्पॉन्स करने का आदेश दिया गया।

 

बैठक में जेल से छूटे आरोपियों का सत्यापन कर निगरानी में रखने को कहा गया। थाना क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी लगाने के लिए लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया। एससी/एसटी एक्ट और साइबर अपराधों से संबंधित मामलों की समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।लंबित वारंट-कुर्की के निष्पादन और पुराने मामलों के त्वरित निपटारे के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा गया।

 

इसके अलावा सभी थानों को CCTNS में रीयल टाइम और गुणवत्तापूर्ण डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। जिले में अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। ई-साक्ष्य ऐप के उपयोग से गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान व साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

 

बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की।

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