टाटा स्टील अधिकारियों पर जबरन मकान तोड़ने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप, एफआईआर दर्ज

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टाटा स्टील अधिकारियों पर जबरन मकान तोड़ने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप, एफआईआर दर्ज

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जमशेदपुर, 09 अगस्त  : बोड़ाम थाना क्षेत्र के मिर्जीडीह गांव निवासी आदिवासी युवक मंगल सिंह ने टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट के दो अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि बीते 5 अगस्त को दोपहर करीब 12:30 बजे उनकी पुश्तैनी रैयती जमीन (खाता संख्या 132, प्लॉट संख्या 1110, रकबा 14 एकड़ 72 डिसमिल) पर स्थित अधनिर्मित मकान को टाटा स्टील के अधिकारियों और अंचल प्रशासन की मिलीभगत से बलपूर्वक ध्वस्त कर दिया गया।

मंगल सिंह का कहना है कि जब वे और अन्य ग्रामीण विरोध जताने पहुंचे तो टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट के अधिकारी सुनील सिंह ने उन्हें और उनके समाज के अन्य लोगों को खुलेआम जातिसूचक गालियां दीं और धमकाया। इसके बाद राज सिंह ने भी अपमानजनक जातिगत टिप्पणियां कीं। यह बातें सार्वजनिक रूप से कही गईं, जिसे कई ग्रामीणों ने सुना और अनुभव किया। मंगल सिंह ने इसे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत अपमानजनक बताते हुए एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत गंभीर आपराधिक कृत्य बताया है।

उन्होंने मांग की है कि घटना में शामिल सुनील सिंह, राज सिंह सहित अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ध्वस्त मकान के ढांचे को पुनः स्थापित कराया जाए, उचित मुआवजा दिया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई से पूर्व विधिसम्मत सूचना और प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। मंगल सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग तथा उच्च न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और टाटा स्टील की होगी।

बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार ने पुष्टि की है कि मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

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