विश्व आदिवासी दिवस पर दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि, “पूरा झारखंड पाना अभी बाकी” – दीपक रंजीत

जमशेदपुर, 9 अगस्त : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर शनिवार को वीर शहीद बिरसा मुंडा स्मारक पार्क, बिरसा चौक, साकची में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन शहीद स्मारक समिति की ओर से किया गया, जिसमें आदिवासी समाज के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया।
स्मारक समिति के सदस्य दीपक रंजीत ने कहा, “हर साल आदिवासी दिवस उत्सव के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इस बार दिशोम गुरु के निधन की वजह से इसे केवल श्रद्धांजलि सभा के रूप में आयोजित किया गया। वे अलग झारखंड आंदोलन के प्रखर नेता रहे और उनका योगदान पूरे देश में आदिवासी नेतृत्व के रूप में अमिट रहेगा। हालांकि उन्होंने झारखंड राज्य का सपना साकार होते देखा, लेकिन उनका सपना अभी अधूरा है। आधा झारखंड मिला, पर पूरा झारखंड पाना बाकी है। स्थानीय नीति और नियोजन नीति का अभाव आज भी चुनौती है।”
सभा में वक्ताओं ने कहा कि दिशोम गुरु का संघर्ष, नेतृत्व और त्याग आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने जिस आत्मनिर्भर, न्यायपूर्ण और स्वाभिमानी झारखंड की कल्पना की थी, उसे पूरा करने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होना होगा।
इस मौके पर दीपक रंजीत, सुनील हेंब्रम, राखाल सोरेन, लूटो हो, सुबोध गौड़, बादल धोरा, सिबानी मारडी, देबोनीता टुडू, अंजू सिंह, सुनाराम टुडू सहित कई लोग उपस्थित थे। सभी ने दिशोम गुरु के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।



