चांडिल : पॉलिटेक्निक और कौशल विकास केंद्र के छात्रों के बीच हिंसक संघर्ष — कई घायल, पढ़ें क्या है झड़प का कारण

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चांडिल : पॉलिटेक्निक और कौशल विकास केंद्र के छात्रों के बीच हिंसक संघर्ष — कई घायल, पढ़ें क्या है झड़प का कारण

चांडिल, 05 अगस्त ,संवाददाता : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल डैम के समीप स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में आज उस वक्त तनाव फैल गया जब पानी की किल्लत को लेकर कौशल विकास केंद्र और पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि बात हाथापाई और हिंसा तक पहुंच गई। इस घटना में कई छात्र घायल हुए हैं, जबकि एक छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चांडिल पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में ही संचालित कौशल विकास केंद्र और पॉलिटेक्निक कॉलेज दो अलग-अलग शिक्षण संस्थान हैं, जो एक ही भू-भाग पर स्थित हैं। मंगलवार को भोजन के बाद कौशल विकास केंद्र के छात्रों को पानी नहीं मिला, जिससे नाराज छात्र पास स्थित पॉलिटेक्निक कैम्पस के बेसिन में हाथ धोने पहुंच गए। इसी दौरान पॉलिटेक्निक के छात्रों ने इसका विरोध किया। मामूली विवाद ने जल्द ही तूल पकड़ लिया और दोनों पक्षों में जमकर मारपीट शुरू हो गई।

गाली-गलौज से शुरू हुई झड़प जल्द ही लात-घूंसे और धक्का-मुक्की में तब्दील हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कॉलेज प्रबंधन को चांडिल थाना पुलिस को सूचना देनी पड़ी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दिलशन बिरुआ के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया।

घटना में एक छात्र को गंभीर चोट लगी है, जिसके नाक से खून बहने की बात सामने आ रही है। अन्य छात्रों को भी हल्की चोटें आई हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और फिलहाल कैंपस में स्थिति सामान्य बनी हुई है।

छात्रों ने मांगी माफी, दिया लिखित आश्वासन

हिंसा की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों से लिखित माफीनामा और अनुशासन बनाए रखने का आश्वासन लिया है। छात्रों ने आगे से किसी भी तरह की हिंसक घटना में शामिल न होने की बात कही है, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई स्वीकारने का भरोसा जताया है।

पानी की समस्या बनी विवाद की जड़

इस पूरी घटना ने कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों के अनुसार, दोनों संस्थानों में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। यही कारण है कि कौशल विकास केंद्र के छात्रों को दूसरे परिसर में जाकर पानी की आवश्यकता पूरी करनी पड़ी, जिससे टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई।

स्थानीय छात्र संगठनों और अभिभावकों ने कॉलेज प्रशासन से इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।

छात्रों की मूलभूत आवश्यकताओं की अनदेखी किस तरह बड़ी समस्या का कारण बन सकती है, चांडिल पॉलिटेक्निक परिसर की यह घटना इसका ज्वलंत उदाहरण है। अब देखना होगा कि कॉलेज प्रशासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या फिर भविष्य में और भी बड़ी घटनाओं का इंतजार करता है।

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