जमशेदपुर : मिर्जाडीह में राजकीय शोक के दौरान टाटा कंपनी की जमीन मापी कार्रवाई पर बवाल, ग्रामीणों में आक्रोश

MANBHUM UPDATES
3 Min Read

जमशेदपुर : मिर्जाडीह में राजकीय शोक के दौरान टाटा कंपनी की जमीन मापी कार्रवाई पर बवाल, ग्रामीणों में आक्रोश

जमशेदपुर, मानभूम अपडेट्स,5 अगस्त : झारखंड के दिशोम गुरु और वरिष्ठ आदिवासी नेता शिबू सोरेन के निधन के बाद घोषित तीन दिवसीय राजकीय शोक के बीच टाटा कंपनी की एक कार्रवाई ने पूर्वी सिंहभूम जिले के मिर्जाडीह गांव में हलचल मचा दी है। घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को टाटा कंपनी के प्रतिनिधि अंचल कार्यालय और जिओ विभाग के कुछ कर्मचारियों के साथ मिर्जाडीह गांव पहुंचे और एक विशेष भूखंड की नापी करने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन की नापी की जा रही थी, वह पहले से ही 16 स्थानीय ग्रामीणों के नाम सरकारी रिकॉर्ड में बंदोबस्त की जा चुकी है, जिसके कागजात और रसीदें भी उनके पास मौजूद हैं।

जब ग्रामीणों ने मौके पर उपस्थित कर्मियों से पूछा कि क्या उनके पास कोई वैध सरकारी आदेश या नोटिस है, तो किसी के पास स्पष्ट उत्तर नहीं था। ग्रामीणों का दावा है कि इस कार्रवाई में कोई वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया और सब कुछ दबाव में किया जा रहा था।

मुख्य सवाल – जब राज्य सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है और सरकारी कार्यालय बंद हैं, तब अंचल और जिओ कर्मी किस आदेश के तहत गांव में पहुंचे? क्या यह कार्रवाई टाटा कंपनी के दबाव में की गई? क्या राजकीय शोक के दौरान ऐसी गतिविधियाँ सरकारी नियमों का उल्लंघन नहीं हैं?

ग्रामीणों की चार प्रमुख माँगें हैं, जिसमें घटना की निष्पक्ष जांच हो, और यह स्पष्ट किया जाए कि किन अधिकारियों के आदेश पर कर्मचारी गांव पहुंचे थे। राजकीय शोक के दौरान कार्रवाई के लिए टाटा कंपनी से जवाब तलब किया जाए।ग्रामीणों को उनके भूमि अधिकार की पुष्टि दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसे विवाद न हों। प्रशासन ऐसी किसी भी जबरन कार्रवाई को तत्काल रोके, जिससे आदिवासी समुदाय का भरोसा प्रशासन पर बना रहे।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता और आदिवासी हक-अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने जल्द ही जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत भेजने की बात कही है।

राजकीय शोक के माहौल में इस तरह की घटना सरकार की नीति और प्रशासनिक निष्पक्षता पर कई सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है।

www.manbhumupdates.com झारखंड की ज़मीन से जुड़े मुद्दों पर निर्भीक पत्रकारिता

Share This Article