दिशोम गुरु, झारखंड आंदोलन के पुरोधा, राज्य का राजनीतिक स्तंभ

चांडिल, 04 अगस्त : राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सह राज्य सभा सदस्य दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद चारों ओर शोक व्याप्त है। सभी उनके प्रति संवेदनाएं प्रस्तुत कर रहे हैं। उनसे जुड़ी यादों को साझा कर रहे है और उनके योगदान का गुणगान कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य डॉ जटा शंकर पांडेय ने शिबू सोरेन के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते कहा कि झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान के लिए उनका संघर्ष झारखंड के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। दिवंगत सिबू सोरेन का विरासत सदैव झारखंड वासियो को प्रेरणा देता रहेगा।
वहीं, अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ चांडिल इकाई के अध्यक्ष अमर सिंह उरांव ने दिसुम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर शौक व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड राज्य के गठन से लेकर आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग के उत्थान को लेकर हमेशा सजग रहे। उनका निधन झारखंड के लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है। गुरुजी शिक्षा को बढ़ावा और नशा के खिलाफ हमेशा मुखर रहे। उनकी जिजीविषा अंत तक कायम रहा। झारखंड के लोगों के विकास के लिए लड़ते रहे।



