जिला परिसदन में हुई राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक, नगर निकायों में आरक्षण निर्धारण व कल्याण योजनाओं की समीक्षा
डोर-टू-डोर सर्वे, छात्रवृत्ति, स्वरोजगार व आपदा राहत योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया गया जोर

जमशेदपुर, 31 जुलाई : नगर निकायों आगामी चुनाव में पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिए जाने की प्रक्रिया को लेकर गुरुवार को जिला परिसदन सभागार में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव ने की, जिसमें आयोग के सदस्य नन्दकिशोर मेहता, लक्ष्मण यादव एवं नरेश वर्मा भी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य नगर निकायों में आरक्षण निर्धारण के लिए ‘ट्रिपल टेस्ट’ के अंतर्गत पूर्वी सिंहभूम जिले में कराए गए डोर-टू-डोर सर्वे से संबंधित प्रतिवेदन की समीक्षा करना था। आयोग ने सर्वेक्षण के आंकड़ों के साथ-साथ पिछड़े वर्गों की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक स्थिति से जुड़ी जानकारी भी विभागों से प्राप्त की।
लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन का निर्देश
आयोग ने जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और अंचल कार्यालयों में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का निष्पादन समयसीमा के भीतर किया जाए, ताकि पात्र लोगों को लाभ मिल सके।
आपदा राहत व मुआवजा वितरण की समीक्षा
प्राकृतिक आपदा, आकस्मिक मृत्यु एवं सर्पदंश से प्रभावित परिवारों को देय लाभों की समीक्षा के क्रम में आयोग ने सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता प्रदान करने और योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।
साथ ही हाथी प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को हुए नुकसान के लिए उचित मुआवजा और स्वरोजगार योजनाओं के तहत ऋण एवं अन्य लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
शिक्षा और छात्रवृत्ति योजनाओं पर विशेष ध्यान
शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए आयोग ने निर्देश दिया कि सभी योग्य छात्रों को प्री एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, साइकिल वितरण योजना सहित अन्य शैक्षणिक लाभ सुनिश्चित किया जाए।
इसके अतिरिक्त शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी विद्यालयों में 25% नामांकन निर्धन वर्ग से आने वाले बच्चों का सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।
रोजगार, कृषि और मत्स्य पालन पर सुझाव
बैठक में मनरेगा योजनाओं का अधिकतम क्रियान्वयन, महिला सशक्तिकरण, कृषि हेतु सुलभ बीज, खाद व फलदार पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला मत्स्य पदाधिकारी को पंचायत स्तर पर अधिक से अधिक समितियां गठित कर मत्स्यपालकों को मार्केट लिंकेज और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कही गई।
बैठक में जिला स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद, जिला पंचायत राज पदाधिकारी रिंकू कुमारी, अपर नगर आयुक्त कृष्ण कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी शंकराचार्य समद, अनुमंडल पदाधिकारी (धालभूम) गौतम कुमार, जिला योजना पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव, शिक्षा विभाग के अधिकारी, बीडीओ, सीओ समेत कई अन्य विभागीय पदाधिकारी शामिल थे।
बैठक के अंत में आयोग ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे पिछड़े वर्गों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।



