भ्रष्टाचार के जाल में अंचल कार्यालय चांडिल ? ACB की कार्रवाई से खुलेंगे परत-दर-परत राज !

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भ्रष्टाचार के जाल में अंचल कार्यालय चांडिल ? ACB की कार्रवाई से खुलेंगे परत-दर-परत राज !

चांडिल/सरायकेला-खरसावां, 12 जुलाई : चांडिल अंचल कार्यालय में एक बार फिर से भ्रष्टाचार की सच्चाई सामने आई है। राजस्व कर्मचारी शनि बर्मन को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) जमशेदपुर की टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। लेकिन यह मामला अब महज एक कर्मचारी तक सीमित नहीं रह गया है। जांच की दिशा अब उस पूरी व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जो वर्षों से अवैध जमीन कारोबार, दलाली और दस्तावेजी छेड़छाड़ के लिए बदनाम रही है।

अंचल कार्यालय की कार्यशैली पर उठे सवाल

आदिवासी युवक राजेश हेम्ब्रम की पुश्तैनी जमीन से जुड़े ऑनलाइन पंजी-2 में नाम दर्ज कराने के लिए रिश्वत मांगे जाने की घटना केवल एक उदाहरण है। ग्रामीण इलाकों में अक्सर देखा गया है कि अंचल कार्यालय में बिना “चढ़ावे” के कोई भी काम नहीं होता। सूत्रों का कहना है कि शनि बर्मन की गिरफ्तारी के बाद अब जांच की आंच सीधे अंचलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ कर्मियों तक पहुंच सकती है। पिछले कुछ वर्षों में चांडिल क्षेत्र में कई बार जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त और नकली दस्तावेजों से कब्जा जमाने के मामले सामने आए हैं। इसके पीछे स्थानीय भूमाफिया गिरोह की भूमिका की बात कही जाती रही है, लेकिन कार्रवाई न होने से उनपर कभी लगाम नहीं लग पाई।

भू-माफियाओं से सांठगांठ कर रिकॉर्ड में छेड़छाड़ आम बात

ग्रामीणों का आरोप है कि भूमाफिया और अंचल कार्यालय के कुछ कर्मचारियों के बीच गहरे संबंध हैं। जमीन के दस्तावेजों में छेड़छाड़, गलत खाता दाखिल-खारिज, और पूर्वजों के नाम हटाकर दूसरे के नाम जोड़ देना, यह सब कुछ ‘सिस्टम का हिस्सा’ बन चुका है। चांडिल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह व्यवस्था न केवल आदिवासियों और मूल निवासियों की जमीन हड़पने का जरिया बनी हुई है, बल्कि यह जमीन माफियाओं के लिए एक काला बाजार भी बन चुका है। यह बड़ा सवाल है कि अंचल कार्यालय में वर्षों से चले आ रहे इस भ्रष्टाचार पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या इसकी वजह उच्चाधिकारियों की मिलीभगत है? ACB की कार्रवाई ने इस भ्रष्ट तंत्र में हलचल तो मचाई है, लेकिन यदि यह कार्रवाई केवल शनि बर्मन तक सीमित रह गई, तो फिर से सड़ांध वहीं की वहीं रह जाएगी।

जनता को न्याय की उम्मीद, ACB से अपेक्षाएं बढ़ीं

राजेश हेम्ब्रम की शिकायत के बाद हुई इस कार्रवाई ने आम जनता में आशा की एक किरण जगाई है। लेकिन यह उम्मीद तभी कायम रह सकती है, जब ACB इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करे और अंचल कार्यालय के अंदर फैले भ्रष्टाचार के जड़ तक पहुंचे। ग्रामीण संगठनों ने मांग की है कि अंचलाधिकारी समेत सभी संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, उनकी संपत्ति की जांच हो और कार्यालय के सभी पुराने भूमि मामलों का विशेष ऑडिट कराया जाए।

आप भी बन सकते हैं बदलाव का हिस्सा

यदि आपके पास भी सरकारी कार्यालयों में हो रहे भ्रष्टाचार, जमीन घोटाले या दस्तावेजी हेराफेरी की जानकारी है, तो उसे छुपाएं नहीं। आप ACB या जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन और ACB सूचनादाता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखती है। प्रशासन से अपील है कि चांडिल अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली की गहन जांच कर अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाए, अन्यथा इस व्यवस्था में लोगों का भरोसा खोता जाएगा।

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