वन विभाग के खिलाफ 1 जुलाई को सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन, दलमा क्षेत्र के आदिम जनजाति परिवारों को घर तोड़ने का नोटिस बना कारण

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जमशेदपुर,28 जून : दलमा क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों में वन विभाग की कार्रवाई के खिलाफ आक्रोश तेज हो गया है। दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच के नेतृत्व में 1 जुलाई को जमशेदपुर के उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शन को कई सामाजिक संगठनों और आदिवासी मंचों का समर्थन मिला है।

इस कार्यक्रम को झारखंड ग्राम सभा सुरक्षा मंच, आदिवासी भूमिज मुंडा युवा संघ, आदिवासी समन्वय समिति, सत्यनारायण सोशियो इकोनॉमिक एंड रिसर्च सेंटर, झारखंड जनतांत्रिक महासभा, आदिवासी एकता मंच और बिरसा सेना जैसे संगठनों ने समर्थन दिया है। आयोजकों ने दावा किया है कि इस दिन हजारों की संख्या में आदिवासी पारंपरिक हथियारों के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे।

विरोध की मुख्य वजह दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र के अंतर्गत बोंटा-बांदरजलकोचा गांव में आदिम जनजाति समाज के दो परिवारों को मकान तोड़ने का नोटिस भेजा जाना है। ग्रामीणों के अनुसार, जिन पक्के मकानों को अवैध बताकर तोड़ने का निर्देश दिया गया है, वे जिला प्रशासन द्वारा बिरसा आवास योजना के तहत स्वीकृत और निर्मित हैं। ऐसे में वन विभाग की इस कार्रवाई को समुदाय ने जनविरोधी और संविधान विरोधी करार दिया है।

वन विभाग द्वारा नोटिस मिलने के बाद से पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और आदिवासी समुदाय में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कदम उनकी आजीविका, संस्कृति और जीवन के अधिकार पर सीधा हमला है।

प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि जब तक नोटिस वापस नहीं लिया जाता और जनजातीय अधिकारों का सम्मान नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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