
चांडिल, 19 जून : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट चांडिल ने एक सराहनीय कार्य करते हुए ऑपरेशन “डिग्निटी” के तहत एक बुजुर्ग यात्री को न केवल समय रहते रेस्क्यू किया, बल्कि उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों से भी मिलाया। यह पूरा मामला रेल मदद शिकायत संख्या 2025061902063 के अंतर्गत दर्ज हुआ था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 18006 (संबलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस), जो डायवर्टेड रूट से होकर गुजर रही थी, उसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने परिवार के साथ कोच A-1 की बर्थ संख्या 43, 46, और 47 पर यात्रा कर रहे थे। चांडिल स्टेशन पर पानी लेने के लिए वे ट्रेन से उतरे, परंतु इसी दौरान ट्रेन चल पड़ी और वे पीछे छूट गए।
घटना के बाद उनके बेटे ने रेल मदद पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही आरपीएफ चांडिल पोस्ट के शिफ्ट प्रभारी एसआई/जी. प्रसाद ने अपनी टीम के साथ त्वरित कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग यात्री को खोज निकाला और उन्हें सुरक्षित आरपीएफ पोस्ट लाया गया।
शिकायतकर्ता ने यह बताते हुए कि वे अपनी यात्रा बाधित नहीं करना चाहते, आग्रह किया कि उनके पिता शारीरिक और मानसिक रूप से पूर्णतः सक्षम हैं और वे अकेले यात्रा कर सकते हैं। इसके बाद आरपीएफ द्वारा आवश्यक सत्यापन और व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से हुई पुष्टि के बाद, सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर बुजुर्ग यात्री को उनके बेटे को डिजिटल माध्यम से सौंप दिया गया।
इस मानवीय और संवेदनशील कार्रवाई ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि आरपीएफ न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि संकट की घड़ी में उनकी मदद के लिए सदैव तत्पर भी रहती है।
ऑपरेशन “डिग्निटी” के तहत यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है जिसमें एक बुजुर्ग यात्री को न केवल समय रहते रेस्क्यू किया गया, बल्कि उनकी गरिमा और आत्मसम्मान को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक गंतव्य तक पहुँचने में सहायता दी गई।


